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संस्कृत का ज्ञान विश्व को नई दिशा देने की रखता है अपार क्षमता: दीपक कुमार

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संस्कृत का ज्ञान विश्व को नई दिशा देने की रखता है अपार क्षमता: दीपक कुमार

नई दिल्ली/देहरादून, 8 जुलाई।

उत्तराखण्ड सरकार के संस्कृत शिक्षा, कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं जनगणना सचिव दीपक कुमार ने नई दिल्ली स्थित डीडी न्यूज़ मुख्यालय में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी तथा डीडी न्यूज़ की महानिदेशिका ममता वर्मा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने उत्तराखण्ड में संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।

​मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संस्कृत का पुनर्जीवन

​बैठक के दौरान सचिव दीपक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य में संस्कृत के संवर्धन के लिए उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं अपने संबोधनों में संस्कृत श्लोकों का उद्धरण देकर युवाओं को समृद्ध भाषायी और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 13 जनपदों में एक-एक ‘संस्कृत ग्राम’ विकसित किया गया है, जो इस भाषा को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं।

​संस्कृत ग्रामों में लगेगा फिल्म महोत्सव

​सचिव ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन संस्कृत ग्रामों में जल्द ही एक ‘संस्कृत फ़िल्म महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। इस अनूठे महोत्सव का उद्घाटन संस्कृत प्रेमी और लिथुआनिया की राजदूत महामहिम सुश्री डायना मिकेविचिएने द्वारा किया जायेगा। इस अवसर पर वे संस्कृत के विद्यार्थियों से सीधा संवाद भी करेंगी।

​आधुनिक तकनीक और गुरुकुल परंपरा का संगम

​दीपक कुमार ने डीडी न्यूज़ से आग्रह किया कि देशभर के गुरुकुलों, विद्यापीठों और विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा:​”गुरुकुल परम्परा के विद्यार्थी न केवल वेद और उपनिषदों में असाधारण दक्षता रखते हैं, बल्कि आज वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीकों का भी नवाचार के साथ प्रभावी उपयोग कर रहे हैं।”

 

​उन्होंने मुख्यधारा के मीडिया में संस्कृत विद्वानों को अधिक अवसर देने की वकालत की। उन्होंने सुझाव दिया कि डीडी न्यूज़ योग्य संस्कृत विद्यार्थियों को समाचार वाचक, संवाददाता, संपादक, निर्माता और कंटेंट क्रिएटर के रूप में मंच प्रदान कर सकता है, जिससे संस्कृत पत्रकारिता को नई गति मिलेगी।

​आचार्य दिनेश चन्द्र जोशी की जन्मशती और डाक टिकट

​संस्कृत को उत्तराखण्ड की द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिलाने में नैनीताल जनपद के आचार्य श्री दिनेश चन्द्र जोशी के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए सचिव ने बताया कि डाक विभाग द्वारा उनके सम्मान में हाल ही में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया गया है। भारत सरकार 11 अप्रैल, 2026 से 11 अप्रैल, 2027 तक आचार्य जोशी की जन्मशती वर्ष को देशभर में विभिन्न स्मृति व शैक्षणिक आयोजनों के माध्यम से मना रही है।

​तैयार हो रही है विद्वानों की निर्देशिका

​उत्तराखण्ड सरकार राज्य के संस्कृत विद्वानों की एक व्यापक निर्देशिका (डायरेक्टरी) भी तैयार कर रही है। इसमें उन अनेक शतायु (100 वर्ष की आयु पार कर चुके) एवं वरिष्ठ विद्वानों को भी सम्मिलित किया जाएगा, जिन्होंने जीवनभर संस्कृत साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है।

​बैठक में इस बात पर सहमति व्यक्त की गई कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि ज्ञान का वह महासागर है जो विश्व को नई दिशा देने की अपार क्षमता रखता है। उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, देवप्रयाग परिसर और उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थान जैसे संस्थान इस दिशा में सामूहिक प्रयासों से राज्य में जन-जागरूकता को निरंतर बल दे रहे हैं।

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