South Asia 24×7 का मतलब पक्की खबर, देश और जहान की ताजातरीन खबरें,पत्रकारिता की नई आधारशिला, निष्पक्षता और पारदर्शिता अब, South Asia 24×7 पर खबर ग्राउंड जीरो से, मंझे हुए संवाददाताओं के साथ,हर जन मुद्दे पर, सीधा सवाल सरकार से ,सिर्फ South Asia 24 ×7 पर,पत्रकारिता की मजबूती के लिए जुड़िए हमारे साथ, South Asia 24×7 के यूट्यूब चैनल,फेसबुक और ट्विटर पर क्योंकि हम करते है बात मुद्दे की

South Asia24x7

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,South Asia24x7

उच्च शिक्षा में गाजीपुर का गौरव बढ़ा: गोपीनाथ पीजी कॉलेज को मिली एमएससी कंप्यूटर साइंस और माइक्रोबायोलॉजी की मान्यता, बना जिले का पहला ऐसा संस्थान

1 min read

उच्च शिक्षा में गाजीपुर का गौरव बढ़ा: गोपीनाथ पीजी कॉलेज को मिली एमएससी कंप्यूटर साइंस और माइक्रोबायोलॉजी की मान्यता, बना जिले का पहला ऐसा संस्थान

देवली सलामतपुर (गाजीपुर), 11 जुलाई 2026।

जनपद गाजीपुर में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके ‘गोपीनाथ पीजी कॉलेज’ ने एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से संबद्ध इस प्रतिष्ठित महाविद्यालय को अब स्नातकोत्तर स्तर पर एम.एस-सी (कम्प्यूटर साइंस) और एम.एस-सी (माइक्रोबायोलॉजी) जैसे रोजगारपरक और आधुनिक पाठ्यक्रम संचालित करने की आधिकारिक मान्यता मिल गई है। इस बड़ी सौगात के साथ ही गोपीनाथ पीजी कॉलेज पूरे गाजीपुर जनपद का पहला और एकमात्र ऐसा महाविद्यालय बन गया है, जहाँ विज्ञान वर्ग के छात्रों को इन दोनों उन्नत विषयों में पीजी (Post Graduation) करने की अनूठी सुविधा मिलेगी।

​अब तक जिले के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर साइंस और माइक्रोबायोलॉजी जैसे विषयों में उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। लेकिन अब गोपीनाथ पीजी कॉलेज की इस उपलब्धि से स्थानीय छात्र अपने घर-गांव के नजदीक रहकर ही वैश्विक स्तर की शिक्षा हासिल कर सकेंगे।

विज्ञान और कला वर्ग में कोर्सेज की विशाल श्रृंखला

​महाविद्यालय में शैक्षणिक संसाधनों और कोर्सेज की कोई कमी नहीं है। विज्ञान वर्ग में यह संस्थान अब बेहद समृद्ध हो चुका है।

स्नातकोत्तर (PG – Science): कॉलेज में पहले से ही एम.एस-सी प्राणी विज्ञान (Zoology), भौतिक विज्ञान (Physics), वनस्पति विज्ञान (Botany), रसायन विज्ञान (Chemistry) और गणित (Mathematics) की कक्षाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। अब कंप्यूटर साइंस और माइक्रोबायोलॉजी के जुड़ने से विज्ञान के छात्रों के पास करियर बनाने के शानदार विकल्प मौजूद हैं।

स्नातक (UG – Science): बी.एस-सी स्तर पर भी विद्यार्थियों के लिए वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित सहित कम्प्यूटर साइंस और माइक्रोबायोलॉजी विषयों में प्रवेश की बेहतरीन व्यवस्था उपलब्ध है।

कला और वाणिज्य वर्ग का मजबूत आधार:

सिर्फ विज्ञान ही नहीं, बल्कि कला (Arts) और वाणिज्य (Commerce) वर्ग में भी कॉलेज का कोई सानी नहीं है:​बी.ए. (BA) पाठ्यक्रम: इसके तहत हिन्दी, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, भूगोल, इतिहास, राजनीति शास्त्र, गृह विज्ञान और मनोविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों का व्यापक अध्ययन कराया जाता है।​एम.ए. (MA) पाठ्यक्रम: स्नातकोत्तर स्तर पर कला के छात्र हिन्दी, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, भूगोल, इतिहास, राजनीति शास्त्र और गृह विज्ञान विषयों का चयन कर सकते हैं।​व्यावसायिक और तकनीकी कोर्सेज: इसके अतिरिक्त महाविद्यालय में बी.कॉम, एम.कॉम के साथ-साथ शिक्षक बनने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए बी.एड. (B.Ed), डी.एल.एड. (D.El.Ed) तथा एम.एड. (M.Ed) पाठ्यक्रमों में भी प्रवेश की प्रक्रिया धड़ल्ले से जारी है।

प्रवेश के लिए 26 जुलाई अंतिम तिथि: समर्थ पोर्टल पर प्रक्रिया शुरू

​महाविद्यालय की ऊर्जावान और प्रखर प्राचार्या डॉ. सुधा त्रिपाठी ने इस बड़ी उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए नए सत्र के प्रवेश से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज के सभी पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने की अंतिम तिथि 26 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

​प्राचार्या ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रवेश प्रक्रिया शासन की मंशानुसार पारदर्शी तरीके से वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आधिकारिक ‘समर्थ’ (Samarth) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जा रही है। उन्होंने सख्त लहजे में सचेत किया कि एक बार समर्थ पोर्टल बंद हो जाने के बाद, विश्वविद्यालय के नियमों के तहत किसी भी स्तर पर और किसी भी दशा में प्रवेश संभव नहीं हो सकेगा।

प्राचार्या की छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से अपील

​डॉ. सुधा त्रिपाठी ने क्षेत्र के सभी मेधावी छात्र-छात्राओं और प्रबुद्ध अभिभावकों से पुरजोर अपील की है कि वे प्रवेश के लिए अंतिम दिनों की भारी भीड़ या तकनीकी खराबी का इंतजार बिल्कुल न करें। किसी भी प्रकार की असुविधा या साल खराब होने के जोखिम से बचने के लिए समय रहते समर्थ पोर्टल के माध्यम से अपनी सीट और प्रवेश सुनिश्चित करा लें।

​प्राचार्या ने दृढ़ विश्वास जताते हुए कहा कि, “गोपीनाथ पीजी कॉलेज न केवल आधुनिक शैक्षणिक बुनियादी ढांचे और हाई-टेक लैब्स से लैस है, बल्कि हमारे पास बेहद अनुभवी, समर्पित और योग्य प्राध्यापकों की टीम है। हमारा एकमात्र लक्ष्य ग्रामीण और कस्बाई अंचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, संस्कारयुक्त और रोजगारपरक शिक्षा देकर उनके उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करना है, और इसके लिए हमारी पूरी टीम पूरी निष्ठा से प्रतिबद्ध है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

error: Content is protected !!