ओएनजीसी की बड़ी पहल: सामाजिक सरोकारों के तहत देहरादून बाल भवन को सौंपी आधुनिक सुविधाएं, शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
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ओएनजीसी की बड़ी पहल: सामाजिक सरोकारों के तहत देहरादून बाल भवन को सौंपी आधुनिक सुविधाएं, शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
देहरादून, 11 जुलाई 2026।
सार्वजनिक क्षेत्र की देश की अग्रणी ऊर्जा कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) ने एक बार फिर सामाजिक सरोकारों और जनहित के कार्यों में अपनी कटिबद्धता दोहराई है। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक योगदान दे रही ओएनजीसी ने देहरादून के बच्चों को एक बड़ी सौगात दी है।
कंपनी ने गैर-सरकारी संस्था ‘गंगा फाउंडेशन’ के सहयोग से ‘उत्तराखंड बाल कल्याण परिषद’ द्वारा संचालित बाल भवन (रायपुर, देहरादून) को आधुनिक और भौतिक सुविधाओं से पूरी तरह सुसज्जित कर दिया है। इसके तहत बच्चों की शिक्षा, मनोरंजन और ठहरने के लिए कंप्यूटर, प्रोजेक्टर से लेकर संगीत वाद्ययंत्र और रजाई-गद्दे जैसी तमाम जरूरी सामग्रियां उपलब्ध कराई गई हैं।

सीएसआर के तहत दी गईं ये महत्वपूर्ण सामग्रियां
बाल भवन के बच्चों को आधुनिक मुख्यधारा और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से ओएनजीसी ने संसाधनों की पूरी श्रृंखला प्रदान की है, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:डिजिटल शिक्षा संसाधन: 8 आधुनिक कंप्यूटर (प्रिंटर सहित), एक हाई-टेक प्रोजेक्टर और इन्वर्टर ताकि बिजली जाने पर भी बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।कार्यालय एवं छात्र फर्नीचर: सुव्यवस्थित पठन-पाठन के लिए नया कार्यालय फर्नीचर, 8 मजबूत स्टील अलमारियां और सामान सुरक्षित रखने के लिए 2 बड़े स्टील के बक्से।संगीत एवं मनोरंजन: बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा को निखारने के लिए एक शानदार साउंड सिस्टम, ध्वनि विस्तारक यंत्र और विभिन्न प्रकार के संगीत वाद्ययंत्र।आवासीय सुविधाएं: बच्चों के आराम और ठहरने के लिए आरामदायक रजाई-गद्दे और फोल्डिंग बेड।
गरिमामय समारोह में सौंपी गई सामग्री
बाल भवन परिसर में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह के दौरान ओएनजीसी के महाप्रबंधक (आईआर) श्री पवन कुमार सैनी और गंगा फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री अजय सिंह ने क्षेत्रीय पार्षद प्रशांत डोभाल की गरिमामयी उपस्थिति में यह समस्त सामग्री बाल भवन की टीम को सौंपी। इस सामग्री को बाल भवन की महासचिव श्रीमती आशा पैन्यूली, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश बाबला, उपाध्यक्ष मोहन खत्री और कार्यालय सहायक वाई.एस. रावत ने सधन्यवाद स्वीकार किया।
इस अवसर पर ऑनलाइन माध्यम से विशेष रूप से जुड़े ओएनजीसी के प्रधान मानव संसाधन सेवाएं श्री नीरज कुमार शर्मा और इंचार्ज सीएसआर श्री विशाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ओएनजीसी उत्तराखंड के सुदूरवर्ती और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितार्थ कार्य जारी रहेंगे।
शिक्षा महानिदेशक और प्रबुद्ध जनों ने की सराहना
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तराखंड के निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) श्री विनोद सिमल्टी ने ओएनजीसी की इस अनूठी पहल का दिल से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि, “समाज के शिक्षा से वंचित और जरूरतमंद बच्चों को बाल भवन के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा में लाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। ओएनजीसी ने ये भौतिक संसाधन उपलब्ध कराकर एक बेहद पुनीत और सकारात्मक कार्य किया है।” उल्लेखनीय है कि ओएनजीसी ने ही वर्ष 2003 में करीब 75 लाख रुपये की भारी लागत से इस भव्य बाल भवन का निर्माण कराया था।
क्षेत्रीय पार्षद प्रशांत डोभाल ने कहा कि ओएनजीसी सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने में हमेशा अग्रसर रहती है। बाल भवन को दी गई यह सामग्री क्षेत्र में ‘समावेशी शिक्षा’ को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
गरीब और निर्धन बच्चों के स्तर में आएगा गुणात्मक सुधार
बाल भवन की महासचिव श्रीमती आशा पैन्यूली ने ओएनजीसी का आभार जताते हुए कहा कि इस मदद से बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में सार्थकता के साथ आगे बढ़ने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा। वहीं, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जाने-माने पर्यावरणविद् जगदीश बाबला ने कहा कि इन आधुनिक सामग्रियों के आने से यहाँ पढ़ने वाले गरीब और निर्धन छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके पठन-पाठन के स्तर में बड़ा गुणात्मक सुधार आएगा।
समारोह के दौरान ओएनजीसियन एल. मोहन लखेड़ा ने उपस्थित बच्चों को बड़े ही रोचक अंदाज में देश के ऊर्जा क्षेत्र और ओएनजीसी की कार्यप्रणाली के बारे में जागरूक किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद:
इस ऐतिहासिक और मांगलिक अवसर पर गंगा फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय सिंह, जगदीश डाबला, संजय ढौंडियाल, जगदीश रावत, वाई.एस. रावत, मोहन खत्री, एल. मोहन लखेड़ा, पार्षद प्रशांत डोभाल, ए.एम. सेमवाल, किरन खंडूड़ी, विजयलक्ष्मी रावत, सुषमा आर्य, शगुफ्ता परवीन और रमेश खत्री सहित कई गणमान्य नागरिक, शिक्षक और भारी संख्या में बच्चे मौजूद रहे।
