DIG लॉ एंड ऑर्डर पी रेणुका देवी को मिली नई जिम्मेदारी, पांच सदस्यीय कमेटी का बनी अध्यक्ष
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DIG लॉ एंड ऑर्डर पी रेणुका देवी को मिली नई जिम्मेदारी, पांच सदस्यीय कमेटी का बनी अध्यक्ष
ब्यूरो रिपोर्ट देहरादून
महिला सुरक्षा को लेकर संवेदनशील अभिनव कुमार, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने प्रदेश में महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम और उन पर अधिक प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया गया है।
पुलिस महानिदेशक ने पी० रेणुका, देवी, पुलिस उप महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखण्ड की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।
यह समिति प्रदेश में घटित महिला अपराध की प्रकृति, अपराध दर, संवदेनशील क्षेत्रों का चिन्हीकरण, प्रदेश में महिला अपराधों की रिपोर्टिंग, अन्वेषण एवं न्यायालय में निस्तारण की स्थिति, अपराध पीड़िताओं को उपलब्ध कराये जाने वाली सहायता और सेवाओं के बारे में जानकारी, महिला अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही, समाज में महिला अपराधों के प्रति जागरूकता, अपराधों के नियंत्रण हेतु जनपदों में अवसंरचनात्मक / मानव संसाधनों की आवश्यकता आदि के सम्बन्ध में व्यापक अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर पी रेणुका देवी का कहना है कि जिस तरह से कमेटी का गठन किया गया है ऐसे में पूरी गंभीरता के साथ महिलाओं की अपराध के मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी सभी पहलुओं पर विचार मंथन किया जाएगा
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किस तरह के कदम उठाए जा सकते हैं इन तमाम बिंदुओं की विस्तृत रिपोर्ट डीजीपी को सौंप जाएगी
आपको बता दे कि डीआईजी पी रेणुका देवी कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर भी रही है साथ ही अंकिता भंडारी केस का भी जांच की है मौजूदा समय में डी आईजी लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी निभा रही है। बड़ी गंभीरता और शालीनता के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करने के लिए जानी जाती है
बेहतरीन पुलिसिंग की कार्यशैली के लिए जानी जाती है डीआईजी पी रेणुका देवी
DIG पी रेणुका देवी की कार्यशैली की अलग पहचान है कई जिलों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी का निर्वहन किया है जिस तरह से एक बार फिर पुलिस मुख्यालय नई जिम्मेदारी सौंपी है
ऐसे में माना जा रहा है कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी जो महिलाओं की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
