उत्तराखंड में 27 जनवरी को मनाया जाएगा ‘यूसीसी दिवस’, मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल में की बड़ी घोषणाएं
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उत्तराखंड में 27 जनवरी को मनाया जाएगा ‘यूसीसी दिवस’, मुख्यमंत्री धामी ने नैनीताल में की बड़ी घोषणाएं
ब्यूरो रिपोर्ट
नैनीताल: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नैनीताल दौरे के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए राज्य की जनता के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने का एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में आगामी 27 जनवरी को पूरे प्रदेश में ‘यूसीसी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।
यूसीसी: महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता से किया गया वादा सरकार ने निभाया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने अनुच्छेद 44 की भावना को धरातल पर उतारा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूसीसी केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता की दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है। 27 जनवरी को विभिन्न जनपदों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को इसके लाभों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी।
वन्य-मानव संघर्ष पर सरकार सख्त
जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बेहद गंभीर है। उन्होंने उन बच्चों और युवाओं के साहस की सराहना की जिन्होंने कठिन समय में बहादुरी दिखाई। सीएम ने स्पष्ट किया कि वन्य जीव प्रबंधन, त्वरित राहत और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी को और अधिक मजबूत करने के लिए स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है।
मानसखंड में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति
कैंचीधाम और नैनीताल क्षेत्र में लगने वाले जाम पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखंड क्षेत्र में पर्यटकों के बढ़ते दबाव को देखते हुए बाईपास, वैकल्पिक मार्गों और पार्किंग निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात उपलब्ध कराना है।
चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां शुरू
आगामी चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष के अनुभवों और फीडबैक के आधार पर इस वर्ष की तैयारियां और भी भव्य और सुरक्षित होंगी। स्वास्थ्य, सड़क और आपदा प्रबंधन जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
