एससी-एसटी एम्प्लॉइज फेडरेशन ने उठाई आवाज: नियमित भर्ती और आरक्षण रोस्टर लागू करने की मांग
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एससी-एसटी एम्प्लॉइज फेडरेशन ने उठाई आवाज: नियमित भर्ती और आरक्षण रोस्टर लागू करने की मांग
देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब में आज उत्तराखण्ड एस.सी.-एस.टी. एम्प्लॉइज फेडरेशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। 16 फरवरी 2026 को नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के गठन के बाद हुई इस बैठक में संगठन ने राज्य के कर्मचारियों और शिक्षित युवाओं के हितों को लेकर कई अहम मांगे सरकार के सामने रखी हैं।
आउटसोर्सिंग का विरोध, नियमित नियुक्तियों पर जोर
फेडरेशन ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि प्रदेश में आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को बंद किया जाए। संगठन का कहना है कि आउटसोर्सिंग के बजाय नियमित रूप से भर्तियां की जानी चाहिए ताकि राजकीय कोष से वेतन पाने वाले कार्मिकों को सुरक्षा मिल सके और सभी प्रकार की नियुक्तियों में आरक्षण रोस्टर का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके।
जस्टिस इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
बैठक में फेडरेशन द्वारा जस्टिस इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट को तत्काल सार्वजनिक करने की पुरजोर मांग की गई। इसके साथ ही, दलित और पिछड़ा वर्ग के रिक्त पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान (बैकलॉग) चलाने का आग्रह भी किया गया है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार का प्रस्ताव
कर्मचारियों के मुद्दों के साथ-साथ फेडरेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव की मांग की। संगठन ने प्रदेश में संचालित आश्रम पद्धति के हाई स्कूलों को उच्चीकृत (Upgrade) कर इंटरमीडिएट तक किए जाने की बात कही।

बैठक में ये रहे मौजूद
प्रांतीय अध्यक्ष रघुवीर सिंह तोमर और प्रांतीय महासचिव ई. सुनीत सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में कार्यकारिणी के समस्त सदस्यों ने प्रतिभाग किया। उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों में:
- वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार, कोषाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह, और उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह।
- श्रीमती सपना तोमर, मनोहर लाल, बबलू सिंह, डॉ० प्रदीप कुमार।
- सचिव बीरेन्द्र सिंह नेगी, संगठन सचिव राजवीर सिंह, डॉ० सुभाष कल्याणी।
- मीडिया प्रभारी रोहित कुमार एवं संरक्षक मदन शिल्पकार व जितेन्द्र बुटोइया शामिल रहे।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि वे इन मांगों को लेकर भविष्य में भी अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
