महंत इन्दिरेश अस्पताल में विश्व किडनी दिवस पर गूंजा संदेश: ‘संतुलित आहार और व्यायाम अपनाएं, गुर्दा रोगों को दूर भगाएं’
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महंत इन्दिरेश अस्पताल में विश्व किडनी दिवस पर गूंजा संदेश: ‘संतुलित आहार और व्यायाम अपनाएं, गुर्दा रोगों को दूर भगाएं’
देहरादून (13 मार्च 2026): श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के किडनी रोग विभाग द्वारा विश्व किडनी दिवस के अवसर पर भव्य जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष “किडनी स्वास्थ्य सबके लिए” की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक डॉक्टरों और स्टाफ सदस्यों ने प्रतिभाग किया और समाज को गुर्दा रोगों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
जागरूकता रैली (वॉकथॉन) से अलख जगाई
गुरुवार को मेडिकल कॉलेज परिसर से एक विशाल जागरूकता रैली का शुभारंभ किया गया। रैली को प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार मलिक और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह वॉकथॉन मेडिकल कॉलेज से शुरू होकर एसजीआरआर पीजी कॉलेज, पथरी बाग से यू-टर्न लेते हुए वापस अस्पताल परिसर में संपन्न हुई। रैली के दौरान छात्र-छात्राओं और डॉक्टरों ने हाथों में स्लोगन लिखी पट्टियां थामी हुई थीं, जिनमें प्रमुख संदेश थे:
- “ब्लड प्रेशर एवं शुगर को नियंत्रित रखें, गुर्दों को बीमारी से बचाएं।”
- “वजन नियंत्रित रखें व धूम्रपान छोड़ें, गुर्दा रोगों को कहें बाय-बाय।”
- “स्वच्छ जल और व्यायाम अपनाएं, स्वयं को गुर्दा रोगों से बचाएं।”
विशेषज्ञों की राय: बचाव ही उपचार है
अस्पताल के गुर्दा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान जीवनशैली में ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर का अनियंत्रित होना किडनी फेलियर का सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने चेतावनी दी कि दर्द निवारक दवाओं (Painkillers) का अनावश्यक सेवन किडनी को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। उन्होंने प्रतिदिन प्रचुर मात्रा में पानी पीने और संतुलित आहार लेने की सलाह दी।
मृत गुर्दादाता (Cadaver Donation) कार्यक्रम पर चर्चा
अस्पताल के ऑडिटोरियम में आयोजित पैनल डिस्कशन में डॉ. विवेक रुहेला और डॉ. गौरव शेखर शर्मा ने गुर्दा रोगों की जटिलताओं पर प्रकाश डाला। इस दौरान उत्तराखंड में ‘मृत गुर्दादाता कार्यक्रम’ को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि अंगदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सके।
सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुति
कार्यक्रम में किडनी रोगियों, उनके परिजनों और गुर्दादाताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। गुर्दा विभाग के स्टाफ ने एक प्रभावी लघु नाटिका के माध्यम से बीमारी के लक्षणों और उपचार के प्रति जागरूक किया। पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।
मुख्य पैनलिस्ट: डॉ. विवेक विज्जन, डॉ. विमल कुमार दीक्षित, डॉ. तनुज भाटिया और डॉ. नारायण जीत सिंह ने लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का संचालन सिमरन अग्रवाल द्वारा किया गया।
किडनी सुरक्षित रखने के 5 मुख्य सूत्र:
- नियमित जांच: शुगर और बीपी की निरंतर मॉनिटरिंग करें।
- हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- व्यसन मुक्ति: धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं।
- सावधानी: बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर न लें।
- सक्रियता: प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
