उत्तराखंड में मौसम का ‘यू-टर्न’: पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश का अलर्ट, जानें अगले 72 घंटों का पूर्वानुमान
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उत्तराखंड में मौसम का ‘यू-टर्न’: पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश का अलर्ट, जानें अगले 72 घंटों का पूर्वानुमान
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से चटख धूप खिलने के बाद अचानक मौसम ने करवट बदल ली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण राज्य के पर्वतीय जिलों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने आगामी दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए तापमान में भारी गिरावट की चेतावनी दी है।
गंगोत्री और बदरीनाथ धाम में चांदी जैसी बर्फबारी
बीते 24 घंटों के दौरान उत्तरकाशी जनपद स्थित गंगोत्री धाम और चमोली के बदरीनाथ धाम सहित ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी देखने को मिली है। बर्फबारी के कारण इन क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड लौट आई है। वहीं, निचले इलाकों जैसे हर्षिल, औली और मुनस्यारी में तापमान शून्य के करीब पहुँच गया है। केदारनाथ और यमुनोत्री की पहाड़ियां भी बादलों से ढकी हुई हैं, जिससे पूरी घाटी में शीत लहर का असर महसूस किया जा रहा है।
मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना
राजधानी देहरादून सहित हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल के मैदानी इलाकों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका जताई गई है। बारिश के कारण राज्य के औसत तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
आगामी दिनों का सटीक पूर्वानुमान (Next 72 Hours)
मौसम विभाग के निदेशक के अनुसार, उत्तराखंड में अगले तीन से चार दिन मौसम का मिजाज इसी तरह चुनौतीपूर्ण बना रहेगा:
- पर्वतीय क्षेत्र: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर मध्यम बर्फबारी जारी रह सकती है। इससे यात्रा मार्गों पर पाला (Frost) गिरने की समस्या बढ़ सकती है।
- बिजली गिरने का अलर्ट: चंपावत और अल्मोड़ा जैसे जनपदों में आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की चेतावनी जारी की गई है, जिससे लोगों को खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी गई है।
- चारधाम रूट: बर्फबारी और बारिश के कारण चारधाम यात्रा रूटों पर फिसलन बढ़ सकती है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें।
खेती-किसानी पर मौसम की मार
मौसम के इस बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जहाँ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी सेब की फसल के लिए संजीवनी मानी जा रही है, वहीं मैदानी इलाकों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि गेहूं और सरसों की तैयार फसल को नुकसान पहुँचा सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है।
प्रशासनिक सतर्कता
मौसम के मिजाज को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (SDRF) को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके।
