भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: देहरादून में 80,000 की रिश्वत लेते बिजली विभाग का अवर अभियंता गिरफ्तार
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भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: देहरादून में 80,000 की रिश्वत लेते बिजली विभाग का अवर अभियंता गिरफ्तार
देहरादून, 17 मार्च 2026: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत आज विजिलेंस विभाग (सतर्कता अधिष्ठान) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। देहरादून के पथरी बाग स्थित 33/11 के.वी. बिजली घर में तैनात अवर अभियंता (JE) अतुल कुमार को सतर्कता टीम ने 80,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता (वादी) ने हाल ही में अपनी पत्नी के नाम से एक नया अपार्टमेंट खरीदा था। इस अपार्टमेंट में बिजली का नया कनेक्शन लगवाने और स्वीकृत विद्युत भार (Load) को बढ़वाने के लिए उन्होंने बिजली घर में आवेदन किया था। आरोप है कि अवर अभियंता अतुल कुमार ने इस सरकारी कार्य को सुचारू रूप से करने के बदले में शिकायतकर्ता से 80,000 रुपये उत्कोच (रिश्वत) की मांग की थी।
भ्रष्टाचार के दबाव में झुकने के बजाय, शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना सतर्कता विभाग को दी। विजिलेंस टीम ने शिकायत का सत्यापन किया और जाल बिछाकर आज आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
एडीजी वी. मुरुगेशन का कड़ा संदेश
इस सफल कार्रवाई के बाद एडीजी सतर्कता, वी. मुरुगेशन ने मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि प्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा:
”मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े दिशा-निर्देशों के क्रम में विजिलेंस विभाग लगातार सक्रिय है। हम प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आज की कार्रवाई इसी मुहिम का हिस्सा है।”
एडीजी ने इस सफल ट्रैप को अंजाम देने वाली टीम की सराहना की और घोषणा की कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले विजिलेंस कर्मियों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
गोपनीयता और शिकायत के माध्यम
अक्सर लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने से डरते हैं, लेकिन एडीजी मुरुगेशन ने जनता को आश्वस्त किया है कि:
- गोपनीयता: शिकायत करने वाले व्यक्ति का नाम और पता पूरी तरह गुप्त रखा जाता है।
- शिकायत के माध्यम: यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो नागरिक व्हाट्सएप, ईमेल या पत्र के माध्यम से विजिलेंस को सूचित कर सकते हैं।
- त्वरित कार्रवाई: शिकायत मिलने पर विजिलेंस टीम तत्काल जांच कर छापेमारी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया सुनिश्चित करती है।
भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड का संकल्प
प्रदेश सरकार के निर्देश पर विजिलेंस विभाग द्वारा पिछले कुछ समय में कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। आज की यह घटना सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ों पर एक कड़ा प्रहार है। आने वाले दिनों में विजिलेंस ने और भी कड़ी निगरानी रखने और शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेने का दावा किया है।
