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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: 28 मार्च को पीएम मोदी करेंगे देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे का उद्घाटन; जानें जेवर एयरपोर्ट की 5 बड़ी खूबियां

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: 28 मार्च को पीएम मोदी करेंगे देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे का उद्घाटन; जानें जेवर एयरपोर्ट की 5 बड़ी खूबियां

लखनऊ/नोएडा। उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे और विमानन क्षेत्र में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर (जेवर) में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) का भव्य लोकार्पण करेंगे। यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट न केवल भारत का सबसे बड़ा, बल्कि पूर्ण विकास के बाद दुनिया का छठा सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनने की राह पर है।

यूपी बनेगा ‘इंटरनेशनल गेटवे’: 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला पहला राज्य

​नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहाँ 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट (लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर, अयोध्या और अब जेवर) और 16 डोमेस्टिक एयरपोर्ट संचालित होंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘ग्लोबल यूपी’ विजन के तहत यह प्रोजेक्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।

चार चरणों में होगा कायाकल्प: जेवर एयरपोर्ट की खास बातें

​जेवर एयरपोर्ट को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चार चरणों में विकसित किया जा रहा है:

  1. शुरुआती क्षमता (प्रथम चरण): पहले चरण के उद्घाटन के साथ ही यह एयरपोर्ट प्रतिवर्ष करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा।
  2. विश्व स्तर पर पहचान: अपने चौथे और अंतिम चरण का निर्माण पूर्ण होने पर यह विश्व का छठा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।
  3. रनवे का जाल: वर्तमान में यह दो रनवे के साथ शुरू हो रहा है, लेकिन भविष्य की योजना इसे पांच रनवे तक विस्तारित करने की है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बना देगा।
  4. डिजिटल और सस्टेनेबल: जेवर एयरपोर्ट को पूरी तरह से ‘नेट जीरो एमिशन’ (Net Zero Emission) के सिद्धांत पर बनाया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस होगा।

कनेक्टिविटी का महाजाल: दिल्ली-एनसीआर को मिलेगा विकल्प

​जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर यात्रियों का दबाव कम होगा। यह एयरपोर्ट:

  • यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से सीधे जुड़ा है।
  • ​भविष्य में इसे रैपिड रेल (RRTS) और मेट्रो से भी जोड़ने की योजना है, जिससे दिल्ली, नोएडा, आगरा और मथुरा के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

आर्थिक क्रांति का केंद्र बनेगा जेवर

​विशेषज्ञों का मानना है कि इस एयरपोर्ट के चालू होने से जेवर और आसपास के इलाकों में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब, फिल्म सिटी और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी। इससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विदेशी निवेश (FDI) के लिए उत्तर प्रदेश पसंदीदा गंतव्य बनेगा।

 विकसित भारत की नई तस्वीर

​28 मार्च का दिन भारतीय विमानन इतिहास के लिए ऐतिहासिक होगा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट का लोकार्पण यह दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक स्तर के बुनियादी ढांचे के निर्माण में आत्मनिर्भर हो रहा है।

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