यूपी में बेमौसम बारिश का कहर: सीएम योगी का सख्त निर्देश; जिलाधिकारी खुद खेतों में उतरकर आंकें फसलों का नुकसान, समय पर मिलेगा मुआवजा
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यूपी में बेमौसम बारिश का कहर: सीएम योगी का सख्त निर्देश; जिलाधिकारी खुद खेतों में उतरकर आंकें फसलों का नुकसान, समय पर मिलेगा मुआवजा
लखनऊ, 20 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पिछले दो दिनों से हो रही बेमौसम वर्षा और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। तैयार खड़ी फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन और प्रशासन को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ खड़ी है और नुकसान का सटीक आकलन कर समयबद्ध तरीके से मुआवजे का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारियों को ‘फील्ड’ में उतरने का आदेश
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (DMs) को कार्यालयों से निकलकर सीधे धरातल पर उतरने के निर्देश दिए हैं।
- नुकसान का आकलन: मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर फसलों को हुए नुकसान का जायजा लें और राजस्व टीमों को तत्काल सर्वे कार्य में लगाएं।
- तत्काल रिपोर्ट: उन्होंने निर्देश दिया कि फसलों की क्षति का डेटा बिना किसी देरी के शासन को उपलब्ध कराया जाए ताकि राहत राशि की प्रक्रिया शुरू हो सके।
राहत आयुक्त को सीधा समन्वय बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त कार्यालय को इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी का केंद्र बनाया है।
- सीधा संवाद: राहत आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि वे फील्ड में तैनात अधिकारियों (एडीएम वित्त, एसडीएम और तहसीलदार) से सीधा समन्वय स्थापित करें।
- पारदर्शिता: सर्वे कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जाए ताकि कोई भी पात्र किसान मुआवजे से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि मुआवजे की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समयबद्ध मुआवजे का वितरण: किसानों को बड़ी राहत
किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने ‘ससमय मुआवजा’ वितरण पर जोर दिया है।
- मुआवजा व्यवस्था: फसलों की क्षति का आकलन प्राप्त होते ही, निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजे की धनराशि सीधे किसानों के खातों में DBT के माध्यम से भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- अंतिम छोर तक मदद: मुख्यमंत्री का संकल्प है कि दिल्ली और लखनऊ से भेजा गया एक-एक पैसा सीधे पीड़ित किसान तक पहुँचे।
कृषि विभाग को भी सक्रिय रहने के निर्देश
राजस्व विभाग के साथ-साथ कृषि विभाग के अधिकारियों को भी गांवों में जाकर किसानों को सलाह देने और फसल बीमा योजना के लाभ दिलाने में मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या है, वहां जल निकासी की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
