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मथुरा में गौ रक्षक बाबा चंद्रशेखर की हत्या से भारी बवाल: पुलिस का लाठीचार्ज और पथराव, सीएम योगी ने लिया कड़ा संज्ञान

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मथुरा में गौ रक्षक बाबा चंद्रशेखर की हत्या से भारी बवाल: पुलिस का लाठीचार्ज और पथराव, सीएम योगी ने लिया कड़ा संज्ञान

​मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब प्रसिद्ध गौ रक्षक बाबा चंद्रशेखर (फरसे वाले बाबा) की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे ब्रज क्षेत्र में तनाव का माहौल है। आक्रोशित समर्थकों और ग्रामीणों ने दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे (NH-19) पर जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

​कैसे हुई बाबा चंद्रशेखर की हत्या? (घटना का कारण)

​बाबा चंद्रशेखर, जिन्हें स्थानीय लोग ‘परसे वाले बाबा’ के नाम से जानते थे, लंबे समय से गौ तस्करी के खिलाफ अभियान चला रहे थे। शनिवार (21 मार्च) तड़के बाबा को सूचना मिली कि कुछ गौ तस्कर एक कंटेनर में गायों को भरकर ले जा रहे हैं।

​बाबा ने अपनी मोटरसाइकिल से तस्करों का पीछा शुरू किया। चश्मदीदों और समर्थकों का आरोप है कि नवीपुर गांव के समीप गौ तस्करों ने बाबा को जान से मारने की नीयत से उनके वाहन को जोरदार टक्कर मारी और उन्हें कुचलते हुए निकल गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाबा चंद्रशेखर की मौके पर ही मौत हो गई। इसे महज हादसा न मानकर सोची-समझी साजिश और ‘हत्या’ करार दिया जा रहा है।

​मथुरा में हिंसक प्रदर्शन और पुलिस लाठीचार्ज

​बाबा की मौत की खबर फैलते ही हजारों की संख्या में गौ भक्त और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

  • पुलिस पर पथराव: जब पुलिस प्रशासन ने जाम खुलवाने की कोशिश की, तो भीड़ उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया।
  • लाठीचार्ज और आंसू गैस: स्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले चेतावनी दी और फिर लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। माहौल को शांत करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े।
  • भारी पुलिस बल तैनात: वर्तमान में पूरे इलाके में पीएसी (PAC) और भारी पुलिस बल तैनात है। स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश

​उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना का तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने बाबा चंद्रशेखर की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

  1. कठोरतम कार्रवाई: सीएम ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिए हैं कि हत्यारोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए और उन पर गैंगस्टर एक्ट व रासुका (NSA) जैसी सख्त धाराओं में कार्रवाई हो।
  2. एसटीएफ की तैनाती: स्थानीय पुलिस के साथ-साथ विशेष कार्य बल (STF) को भी इस मामले की जांच में लगाया गया है ताकि गौ तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके।
  3. शांति की अपील: सरकार ने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

​बाबा चंद्रशेखर का प्रभाव और ग्रामीणों का गुस्सा

​बाबा चंद्रशेखर न केवल एक गौ रक्षक थे, बल्कि वे स्थानीय लोगों के बीच एक आध्यात्मिक और साहसी रक्षक के रूप में जाने जाते थे। वे अक्सर अकेले ही गौ तस्करों से लोहा लेते थे। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण तस्करों के हौसले बुलंद हैं।

​पुलिस ने अब तक इस मामले में घेराबंदी कर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। फरार मुख्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।

​मथुरा में हुई यह घटना कानून-व्यवस्था और गौ तस्करी की गंभीर चुनौती को दर्शाती है। बाबा चंद्रशेखर की ‘शहादत’ ने एक बार फिर गौ रक्षा के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी मुख्य दोषियों को सलाखों के पीछे पहुँचाता है।

घटना का विवरण और कारण

​यह दुखद घटना 21 मार्च 2026 की तड़के करीब 4 बजे की है। बताया जा रहा है कि बाबा चंद्रशेखर को इलाके में गौ तस्करों की सक्रियता की सूचना मिली थी। बाबा हमेशा की तरह निडर होकर अपनी मोटरसाइकिल से संदिग्ध गौ तस्करों के वाहन (कंटेनर/ट्रक) का पीछा करने निकल पड़े।

नवीपुर गांव के पास पीछा करने के दौरान, गौ तस्करों ने कथित तौर पर बाबा की बाइक को जोरदार टक्कर मारी और उन्हें कुचलते हुए फरार हो गए। बाबा चंद्रशेखर की मौके पर ही मौत हो गई। समर्थकों का सीधा आरोप है कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश और हत्या है, क्योंकि बाबा लंबे समय से इलाके में गौ तस्करी के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़े थे।

​मथुरा में बवाल और पुलिस की कार्रवाई

​बाबा की मृत्यु की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते हजारों की संख्या में गौ भक्त और ग्रामीण दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे (NH-19) पर उतर आए।

  • जाम और पथराव: आक्रोशित भीड़ ने हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। जब पुलिस और प्रशासन की टीमें (एसडीएम और डीआईजी स्तर के अधिकारी) समझाने पहुँचीं, तो भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे कई वाहनों के शीशे टूट गए और कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए।
  • लाठी चार्ज: स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति को संभालने के लिए रबर की गोलियों का भी इस्तेमाल किया गया।

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