Lucknow ‘ऑपरेशन क्लीन’: लखनऊ पुलिस और शातिर गैंगस्टर के बीच एनकाउंटर, बदमाश के पैर में लगी गोली
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Lucknow ‘ऑपरेशन क्लीन’: लखनऊ पुलिस और शातिर गैंगस्टर के बीच एनकाउंटर, बदमाश के पैर में लगी गोली
लोकेशन: लखनऊ
विशेष रिपोर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस और एक शातिर बदमाश के बीच सीधी मुठभेड़ हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए लखनऊ पुलिस ने एक और कामयाबी हासिल की है। वृंदावन इलाके में बाइक सवार बदमाश को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर आरोपी ने फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से बदमाश घायल हो गया।
घेराबंदी और मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि लूट की वारदातों में शामिल एक वांछित अपराधी बाइक से सवई की ओर से कालिंदी इलाके की तरफ आ रहा है। इस सूचना पर तत्काल हरकत में आते हुए पीजीआई थाना पुलिस ने सेक्टर-15 नहर रोड पर रणनीतिक घेराबंदी कर दी। जैसे ही बिना नंबर की पल्सर बाइक पर सवार बदमाश पुलिस के करीब पहुँचा, उसने खुद को घिरता देख भागने की कोशिश की।
पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने दुस्साहस दिखाते हुए पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों ने फौरन पोजिशन ली और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस क्रॉस फायरिंग में एक गोली बदमाश के पैर में लगी, जिससे वह अनियंत्रित होकर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके से ही उसे दबोच लिया।
बदमाश की पहचान और आपराधिक इतिहास
घायल बदमाश की पहचान आशियाना निवासी शातिर गैंगस्टर अर्जुन रावत के रूप में हुई है। अर्जुन रावत लखनऊ के विभिन्न इलाकों में आतंक का पर्याय बना हुआ था, जिस पर लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, अर्जुन मुख्य रूप से महिलाओं को निशाना बनाता था और उनसे मोबाइल व चेन लूट की वारदातों को अंजाम देता था।
40-50 सीसीटीवी कैमरों की मदद से खुला राज
इस शातिर अपराधी तक पहुँचने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक और मुखबिर तंत्र का बखूबी इस्तेमाल किया। बीते 20 मार्च को बंगला बाजार इलाके में एक महिला से मोबाइल लूट की वारदात हुई थी, जिसके बाद डीसीपी साउथ के निर्देशन में टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने इलाके के करीब 40 से 50 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे अपराधी के रूट और पहचान की पुष्टि हुई।
बरामदगी:
- एक बिना नंबर प्लेट की काली पल्सर बाइक।
- लूटा हुआ मोबाइल फोन और नकदी।
- एक अवैध .315 बोर का तमंचा और जिंदा कारतूस।
अधिकारी का बयान और आगामी कार्रवाई
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि आरोपी पुलिस टीम पर गोली चलाकर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से वह सफल नहीं हो सका। घायल आरोपी को तुरंत उपचार के लिए पीजीआई ट्रामा सेंटर भेजा गया है, जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
योगी सरकार की सख्ती का असर
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती का असर धरातल पर दिख रहा है। अपराधियों में पुलिस का खौफ इस कदर है कि या तो वे सरेंडर कर रहे हैं या फिर मुठभेड़ में पकड़े जा रहे हैं। लखनऊ पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र की महिलाओं और आम जनता ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब गिरफ्तार बदमाश से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं और उसने हाल के दिनों में और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
माना जा रहा है कि अर्जुन रावत की गिरफ्तारी से राजधानी में लूट की कई अन्य वारदातों का भी बड़ा खुलासा हो सकता है।
