UP Big breaking Transfers मुकेश मेश्राम समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को मिली मंडलों की कमान
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UP Big breaking Transfers मुकेश मेश्राम समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को मिली मंडलों की कमान
लखनऊ | ब्यूरो रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को धार देने और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए बड़े स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की है। शासन द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम समेत कई वरिष्ठ आईएएस और विभागीय अधिकारियों को विभिन्न मंडलों का जिम्मा सौंपा गया है।
प्रमुख नियुक्तियां और जिम्मेदारी
शासन के निर्देशानुसार, अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम को प्रदेश के दो सबसे महत्वपूर्ण मंडलों— कानून और लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, पशुधन विकास परिषद के सीईओ डॉ. प्रमोद कुमार सिंह को प्रयागराज मंडल का नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों में:
- के. धनलक्ष्मी (दुग्ध आयुक्त): झांसी और चित्रकूट मंडल।
- राम सहाय यादव (विशेष सचिव, दुग्ध विकास): आजमगढ़ और अयोध्या मंडल।
- डॉ. मेंम पाल सिंह (निदेशक, पशुपालन प्रशासन): देवीपाटन एवं बस्ती मंडल।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद (निदेशक, रोग नियंत्रण): आगरा एवं अलीगढ़ मंडल।
- डॉ. प्रमोद कुमार (अपर निदेशक, गोधन): मेरठ एवं सहारनपुर मंडल।
इसके अतिरिक्त, डॉ. संगीता तिवारी को बरेली मंडल, डॉ. राजीव वशिष्ठ को मुरादाबाद मंडल तथा डॉ. संजय श्रीवास्तव को मिर्जापुर और विंध्याचल मंडल का प्रभार दिया गया है।
क्या होगी नोडल अधिकारियों की भूमिका?
इन अधिकारियों की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करना है। सूत्रों के अनुसार, ये अधिकारी:
- विकास कार्यों की समीक्षा: मंडल के जिलों में चल रही बड़ी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
- कानून व्यवस्था: स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और शांति व्यवस्था का जायजा लेंगे।
- जनसुनवाई: तहसील और थाना दिवसों के निस्तारण की गुणवत्ता की जांच करेंगे।
- निराश्रित गोवंश: पशुपालन विभाग के अधिकारियों की तैनाती यह संकेत देती है कि सरकार गौशालाओं और दुग्ध उत्पादन को लेकर विशेष गंभीर है।
प्रशासनिक गलियारों में हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि कानपुर, लखनऊ और अयोध्या जैसे संवेदनशील मंडलों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से आगामी समय में प्रशासनिक कसावट देखने को मिलेगी। विशेष रूप से मुकेश मेश्राम और राम सहाय यादव जैसे अधिकारियों को महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभार देना, सरकार की विकासोन्मुख नीति को दर्शाता है।
