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Uttrakhand BJP 2027: मुख्यमंत्री धामी का चम्पावत दौरा आज और ‘आदर्श चंपावत’ का रोडमैप

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Uttrakhand BJP 2027: मुख्यमंत्री धामी का चम्पावत दौरा आज और ‘आदर्श चंपावत’ का रोडमैप

देहरादून/चम्पावत: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज अपने विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के एक दिवसीय दौरे पर हैं। यह दौरा न केवल विकास कार्यों के निरीक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि ‘मिशन 2027’ की तैयारियों की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है। सरकार के सफल कार्यकाल और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीतियों के बीच मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम जनता से सीधे जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

आज के प्रमुख कार्यक्रम: विज्ञान से जनसंवाद तक

​मुख्यमंत्री के आज के कार्यक्रम की रूपरेखा आधुनिकता और परंपरा के संगम को दर्शाती है:​साइंस सेंटर का निरीक्षण: सुबह 11:00 बजे मुख्यमंत्री चम्पावत साइंस सेंटर में निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लेंगे। यह केंद्र क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।​जनसंवाद और ध्वज अनावरण: गांधी चौक पर राष्ट्रीय ध्वज के अनावरण के बाद सीएम होटल व्यवसायियों, टैक्सी यूनियन, व्यापार मंडल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद करेंगे।​शिक्षा को प्रोत्साहन: यूकॉस्ट (UCOST) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मेधावी बालिकाओं को छात्रवृत्ति और लैपटॉप/टैबलेट वितरित करेंगे, जो ‘डिजिटल उत्तराखंड’ के सपने को साकार करने की एक कड़ी है।

धामी सरकार के 4-5 वर्षों का लेखा-जोखा: विकास के प्रमुख स्तंभ

​मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने पिछले कुछ वर्षों में बुनियादी ढांचे से लेकर सामाजिक सुरक्षा तक कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सरकार की कार्यशैली “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र पर टिकी है।

1. कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर (Road & Rail)

​सरकार ने कनेक्टिविटी को अपनी प्राथमिकता बनाया है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य युद्ध स्तर पर है, जो पहाड़ के जीवन को पूरी तरह बदल देगा। इसके साथ ही ऑल वेदर रोड परियोजना ने चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाया है।

2. कड़े कानून और सुशासन

​धामी सरकार को साहसिक निर्णयों के लिए जाना जाता है:​समान नागरिक संहिता (UCC): देश में इसे लागू करने की पहल करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बना।​नकल विरोधी कानून: युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे सख्त धर्मांतरण विरोधी और नकल विरोधी कानून लागू किया गया।

3. पर्यटन और स्वरोजगार

​’होमस्टे योजना’ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ अब सरकार एडवेंचर टूरिज्म और इको-टूरिज्म पर भी फोकस कर रही है।

4. शिक्षा और स्वास्थ्य

​प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में टेली-मेडिसिन सेवाओं का विस्तार और सरकारी स्कूलों को ‘पीएम श्री’ योजना के तहत अपग्रेड करना सरकार की बड़ी उपलब्धि रही है। चम्पावत को ‘आदर्श जनपद’ के रूप में विकसित करना इसी विजन का हिस्सा है।

मिशन 2027 और राजनीतिक समीकरण

​भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का विश्वास और मुख्यमंत्री की सक्रियता यह साफ संकेत देती है कि भाजपा ‘मिशन 2027’ के लिए पूरी तरह तैयार है। 4 साल के कामकाज का फीडबैक लेने के लिए मुख्यमंत्री खुद धरातल पर उतर रहे हैं। रोड, रेल, और रज्जूमार्ग (रोपवे) की त्रिवेणी से उत्तराखंड को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है।”हम केवल शिलान्यास नहीं, बल्कि लोकार्पण की संस्कृति पर काम कर रहे हैं। चम्पावत का विकास पूरे प्रदेश के लिए एक मॉडल बनेगा।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

 

​मुख्यमंत्री का चम्पावत दौरा केवल सरकारी कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति जवाबदेही और भविष्य की विकास योजनाओं का खाका है। शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के मोर्चे पर सरकार की सक्रियता आगामी चुनावों में उनकी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगी।

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले 4 वर्षों में ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मंत्र के साथ राज्य के बुनियादी ढांचे और शासन व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किए हैं। सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला पहला राज्य बनना, देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लाना और धर्मांतरण विरोधी कानून को मजबूती देना शामिल है। इसके अलावा, ‘होमस्टे योजना’ के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पर्यटन से जोड़ना और महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए लखपति दीदी जैसी योजनाओं ने धरातल पर बड़ा प्रभाव डाला है। सरकार का मुख्य फोकस अब ‘मिशन 2027’ पर है, जिसके तहत उत्तराखंड को दशक का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

​कनेक्टिविटी के मोर्चे पर सरकार ने ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ को रोकने के लिए सड़क और रेल नेटवर्क का जाल बिछाया है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना वर्तमान में अपने निर्णायक चरण में है, जिसमें अधिकांश सुरंगों (Tunnels) का कार्य पूरा हो चुका है और यह रेल लाइन पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए तैयार है। इसके साथ ही चारधाम ऑल वेदर रोड ने यात्रा को सुगम बनाया है और सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों का विस्तार सामरिक दृष्टि से भी किया गया है। आने वाले समय में ‘पर्वतमाला परियोजना’ के तहत विभिन्न धार्मिक स्थलों को रोपवे से जोड़ने की योजना है, जिससे पर्यटन में नई क्रांति आएगी।

​शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने ‘डिजिटल और सुलभ’ मॉडल पर काम किया है। शिक्षा क्षेत्र में ‘पीएम श्री’ योजना के तहत स्कूलों का आधुनिकीकरण किया गया है और मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति व लैपटॉप वितरण जैसे कदमों से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में, प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है और ‘आयुष्मान उत्तराखंड’ योजना के तहत प्रदेश के हर परिवार को ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया गया है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में ‘ड्रोन’ के माध्यम से दवाइयां पहुंचाने और टेली-मेडिसिन सेवाओं के विस्तार ने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक पहुंचाया है।

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