South Asia 24×7 का मतलब पक्की खबर, देश और जहान की ताजातरीन खबरें,पत्रकारिता की नई आधारशिला, निष्पक्षता और पारदर्शिता अब, South Asia 24×7 पर खबर ग्राउंड जीरो से, मंझे हुए संवाददाताओं के साथ,हर जन मुद्दे पर, सीधा सवाल सरकार से ,सिर्फ South Asia 24 ×7 पर,पत्रकारिता की मजबूती के लिए जुड़िए हमारे साथ, South Asia 24×7 के यूट्यूब चैनल,फेसबुक और ट्विटर पर क्योंकि हम करते है बात मुद्दे की

South Asia24x7

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,South Asia24x7

प्रयागराज में नकली नोट फैक्ट्री का पर्दाफाश: देवरिया से चुनाव लड़ने की तैयारी में था मास्टरमाइंड, 50 हजार के बदले देता था 1 लाख

1 min read

प्रयागराज में नकली नोट फैक्ट्री का पर्दाफाश: देवरिया से चुनाव लड़ने की तैयारी में था मास्टरमाइंड, 50 हजार के बदले देता था 1 लाख

प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज की गंगा नगर पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो जाली नोटों के जरिए अर्थव्यवस्था को खोखला करने की साजिश रच रहा था। सराय इनायत पुलिस और डीसीपी गंगा नगर की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 1 लाख 18 हजार 300 रुपये के नकली नोट और नोट बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं।

कैसे मिली कामयाबी?

​पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि सराय इनायत थाना क्षेत्र में कुछ लोग जाली नोटों की खेप खपाने की फिराक में हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर एक वैगनआर कार को रोका, जिसमें सवार अभियुक्तों के पास से नकली नोटों का जखीरा बरामद हुआ। तलाशी के दौरान पुलिस को कार से न केवल जाली नोट, बल्कि हाई-टेक प्रिंटर, स्कैनर, लैपटॉप और वह विशेष कलर कागज भी मिला, जिसका इस्तेमाल नोट छापने में किया जा रहा था।

50 हजार के असली, बदले में 1 लाख के नकली!

​पूछताछ में गिरोह के काम करने के चौंकाने वाले तरीके का खुलासा हुआ है। डीसीपी गंगा नगर कुलदीप सिंह गुणावत ने बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों को अपना निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवकों को लालच देते थे कि वे 50 हजार रुपये के असली नोट के बदले 1 लाख रुपये के नकली नोट देंगे। बाजार में इन नोटों को चलाने के लिए छोटे दुकानदारों, सब्जी मंडियों और पेट्रोल पंपों का इस्तेमाल किया जाता था, जहाँ भीड़-भाड़ के कारण नोट की पहचान करना मुश्किल होता था।

सियासी रसूख और मास्टरमाइंड का ‘मिशन 2027’

​इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना विवेक यादव बताया जा रहा है। विवेक यादव का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है और वह पहले भी जाली नोटों की तस्करी के मामले में जेल की हवा खा चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि विवेक यादव का राजनीतिक रसूख भी है; वह पूर्व में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुका है और वर्तमान में देवरिया से 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा था। अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और फंड जुटाने के लिए उसने जाली नोटों के इस काले साम्राज्य को खड़ा किया था।

इन धाराओं में कसा गया शिकंजा

​प्रयागराज पुलिस ने गिरफ्तार चारों अभियुक्तों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं (वर्तमान न्याय संहिता के अनुसार) के तहत मुकदमा दर्ज किया है:

  • धारा 489A: नकली नोट बनाना (Counterfeiting currency notes).
  • धारा 489C: नकली नोटों को कब्जे में रखना।
  • धारा 489D: नकली नोट बनाने के उपकरण/सामग्री रखना।
  • धारा 120B: आपराधिक साजिश रचना।

​डीसीपी ने साफ किया है कि अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) के तहत भी कार्रवाई की जाएगी ताकि उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को कुर्क किया जा सके।

अभी कई ‘बड़े चेहरे’ फरार, पुलिस की रडार पर पूर्वांचल

​पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं है। विवेक यादव के तार देवरिया, गोरखपुर, मऊ और आजमगढ़ जैसे पूर्वांचल के कई जनपदों से जुड़े हैं। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जो इस गिरोह को कच्चा माल (विशेष पेपर और स्याही) सप्लाई करते थे। गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

​प्रयागराज पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त कर दिया है। विवेक यादव जैसे सफेदपोश अपराधियों का इस धंधे में शामिल होना समाज और कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। पुलिस अब विवेक के पुराने कनेक्शन खंगाल रही है ताकि इस गिरोह की जड़ों को पूरी तरह काटा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!