South Asia 24×7 का मतलब पक्की खबर, देश और जहान की ताजातरीन खबरें,पत्रकारिता की नई आधारशिला, निष्पक्षता और पारदर्शिता अब, South Asia 24×7 पर खबर ग्राउंड जीरो से, मंझे हुए संवाददाताओं के साथ,हर जन मुद्दे पर, सीधा सवाल सरकार से ,सिर्फ South Asia 24 ×7 पर,पत्रकारिता की मजबूती के लिए जुड़िए हमारे साथ, South Asia 24×7 के यूट्यूब चैनल,फेसबुक और ट्विटर पर क्योंकि हम करते है बात मुद्दे की

South Asia24x7

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,South Asia24x7

Artemis II Created History: Broken Apollo 13 Record चंद्रमा के सुदूर हिस्से से आया पैगाम: ‘आर्टेमिस-2’ ने रचा इतिहास, अपोलो-13 का 56 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

1 min read

Artemis II Created History: Broken Apollo 13 Record चंद्रमा के सुदूर हिस्से से आया पैगाम: ‘आर्टेमिस-2’ ने रचा इतिहास, अपोलो-13 का 56 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

​ब्यूरो रिपोर्ट: अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आज पूरी मानवता ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। नासा (NASA) के ‘आर्टेमिस-2’ मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री रीड, विक्टर, क्रिस्टीना और जेरेमी ने वह कर दिखाया है जो आज से पहले कभी नहीं हुआ। चंद्रमा के ‘डार्क साइड’ (सुदूर हिस्से) की यात्रा के दौरान ओरियन कैप्सूल पृथ्वी से 2,52,752 मील की दूरी पर पहुंच गया। इसके साथ ही इन चार अंतरिक्ष यात्रियों ने इंसानी इतिहास में पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी तय करने का नया रिकॉर्ड बना दिया है।

अपोलो-13 का रिकॉर्ड अब इतिहास

​साल 1970 में अपोलो-13 मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से 2,48,655 मील की दूरी तय की थी। पिछले 56 वर्षों से यह रिकॉर्ड अटूट था, लेकिन आज दोपहर 1:57 बजे (EDT) आर्टेमिस-2 के ‘इंटीग्रिटी’ कैप्सूल ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ दिया। यह क्षण केवल एक रिकॉर्ड की जीत नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और मानव साहस की पराकाष्ठा है।

कम्युनिकेशन ब्लैकआउट और वह रोमांचक पल

​मिशन के दौरान सबसे चुनौतीपूर्ण क्षण तब आया जब ओरियन कैप्सूल चंद्रमा के पिछले हिस्से (Far Side) में दाखिल हुआ। नियम के मुताबिक, इस दौरान पृथ्वी और मिशन कंट्रोल के साथ संचार पूरी तरह कट गया (Planned Blackout)। लगभग 30-40 मिनट की खामोशी के बाद जब ओरियन चंद्रमा की छाया से बाहर निकला और सिग्नल दोबारा प्राप्त हुए, तो नासा के मिशन कंट्रोल रूम में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।

सूर्य ग्रहण और सौर कोरोना का विश्लेषण

​जब ओरियन चंद्रमा के पीछे से गुजर रहा था, तो अंतरिक्ष यात्रियों के दृष्टिकोण से सूर्य पूरी तरह ओझल हो गया था। इस पूर्ण सूर्य ग्रहण का उपयोग वैज्ञानिकों ने एक सुनहरे अवसर के रूप में किया। अंतरिक्ष यात्रियों ने अंधेरे चंद्रमा की पृष्ठभूमि में सूर्य के बाहरी वातावरण यानी ‘सौर कोरोना’ (Solar Corona) का गहन विश्लेषण किया। यह डेटा भविष्य के सौर मिशनों और अंतरिक्ष मौसम के पूर्वानुमान के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकता है।

मिशन कंट्रोल का संदेश: “अभी यात्रा बाकी है”

​नासा के अधिकारियों ने चालक दल को बधाई देते हुए कहा कि यह मिशन तब तक पूरा नहीं माना जाएगा जब तक कि कैप्सूल प्रशांत महासागर में सुरक्षित ‘स्प्लैशडाउन’ नहीं कर लेता। वर्तमान में चंद्रमा की सतह ओरियन की खिड़कियों से विशाल और स्पष्ट दिखाई दे रही है। मिशन अब अपने ‘होमवर्ड’ चरण में प्रवेश कर चुका है, यानी अब यात्री धरती की ओर वापसी की यात्रा शुरू करेंगे।

क्यों खास है यह मिशन?

​आर्टेमिस-2 का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं है, बल्कि चंद्रमा पर स्थायी मानव बस्तियां बसाने की दिशा में एक ठोस कदम है। यह मिशन यह साबित करता है कि इंसान एक बार फिर असंभव को संभव करने की दहलीज पर खड़ा है। जैसा कि अंतरिक्ष यात्रियों ने स्वयं कहा—वे चाहते हैं कि इस मिशन को “भूला” दिया जाए, जिसका अर्थ है कि भविष्य में चंद्रमा की यात्रा इतनी सामान्य हो जाए कि यह कोई बड़ी खबर न रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!