बंगाल में : 9 मई को ब्रिगेड ग्राउंड में होगा शपथ ग्रहण, पीएम मोदी और अमित शाह रहेंगे मौजूद
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बंगाल में : 9 मई को ब्रिगेड ग्राउंड में होगा शपथ ग्रहण, पीएम मोदी और अमित शाह रहेंगे मौजूद
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। आगामी 9 मई को सुबह 10:00 बजे कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड एक भव्य शपथ ग्रहण समारोह का साक्षी बनेगा। राज्य में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहटों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने इसे एक विशाल शक्ति प्रदर्शन के रूप में आयोजित करने की पूरी तैयारी कर ली है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विशेष रूप से शिरकत करेंगे।
विधानमंडल दल की बैठक और CM का चयन
शपथ ग्रहण से पहले 8 मई की तारीख बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस दिन भाजपा विधानमंडल दल की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है।अमित शाह की मौजूदगी: इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह स्वयं उपस्थित रहेंगे, जिनकी देखरेख में मुख्यमंत्री के नाम पर आधिकारिक मुहर लगाई जाएगी।चेहरों पर सस्पेंस: हालांकि राजनीतिक गलियारों में शुभेंदु अधिकारी का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय विधानमंडल दल की बैठक के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।दो डिप्टी सीएम का फॉर्मूला: चर्चा है कि बंगाल में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तर्ज पर दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। इनमें से एक महिला और एक पुरुष चेहरे को शामिल कर भाजपा सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश करेगी।
दिग्गजों का जमावड़ा और साधु-संतों का आशीर्वाद
यह आयोजन केवल एक शपथ ग्रहण समारोह नहीं, बल्कि भाजपा का एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी होगा।मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति: इस कार्यक्रम में भाजपा शासित 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है।सहयोगी दल: एनडीए के कई अन्य प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं के भी पहुंचने की संभावना है।आध्यात्मिक स्पर्श: इस बार मंच पर केवल राजनेता ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रमुख साधु-संत और महंत भी उपस्थित रहेंगे, जो नई सरकार को अपना आशीर्वाद देंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रशासन की सख्ती
इतने बड़े पैमाने पर हो रहे आयोजन को देखते हुए कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पूरा ब्रिगेड ग्राउंड अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है।DGP का कड़ा रुख: बंगाल के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बुलडोजर और जुलूस पर पाबंदी: प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी रैली या जुलूस में बुलडोजर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, बिना अनुमति के कोई भी विजय जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा।उपद्रवियों पर नजर: हिंसा की किसी भी आशंका को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। शांति भंग करने वालों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
राजनीतिक मायने
भाजपा बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेता जमीनी स्तर पर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ब्रिगेड परेड ग्राउंड में लाखों की भीड़ जुटाकर भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि बंगाल में अब एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है।
9 मई की सुबह जब कोलकाता के आसमान में जय श्रीराम के नारों के बीच नई सरकार शपथ लेगी, तो यह भारतीय राजनीति के सबसे बड़े बदलावों में से एक के रूप में दर्ज होगा। अब सबकी निगाहें 8 मई की बैठक पर टिकी हैं, जहां बंगाल के नए ‘सारथी’ के नाम का ऐलान होगा।
