Today UP Cabinet Expansion, CM Yogi Adityanath, Vinod Tawde Lucknow Visitविनोद तावड़े और CM योगी की बैठक में कैबिनेट विस्तार को बैठक आज संगठन में भी होगा बदलाव
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Today UP Cabinet Expansion, CM Yogi Adityanath, Vinod Tawde Lucknow Visitविनोद तावड़े और CM योगी की बैठक में कैबिनेट विस्तार को बैठक आज संगठन में भी होगा बदलाव
लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की सियासत में इस वक्त जबरदस्त हलचल (Political Buzz) देखी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में ‘जीत की हैट्रिक’ लगाने के लिए पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और कद्दावर नेता विनोद तावड़े के लखनऊ प्रवास का आज दूसरा दिन है। आज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ होने वाली उनकी हाई-प्रोफाइल मीटिंग है, जिसमें न केवल यूपी कैबिनेट के चेहरे बदल सकते हैं, बल्कि संगठन के ढांचे में भी बड़े बदलाव की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है।
लखनऊ से दिल्ली तक बैठकों का दौर (Strategic Planning)
विनोद तावड़े पिछले दो दिनों से यूपी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ बंद कमरे में मंथन कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साथ मैराथन बैठकें की हैं। रणनीतिक तौर पर यह दौरा इतना अहम है कि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी चर्चा के बीच ही अचानक दिल्ली रवाना हुए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, तावड़े ने पूर्व प्रदेश अध्यक्षों सूर्य प्रताप शाही और रमापति राम त्रिपाठी से भी फीडबैक लिया है, जिसे आज वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ साझा करेंगे।
कैबिनेट विस्तार: पश्चिमी यूपी और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस
योगी सरकार के मंत्रिमंडल में फिलहाल 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक नियमों के अनुसार यह संख्या 60 तक हो सकती है। यानी 6 रिक्तियां अभी भी मौजूद हैं।क्षेत्रीय असंतुलन को साधना: वर्तमान में मुख्यमंत्री, एक उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष तीनों ही पूर्वांचल से आते हैं। ऐसे में 2027 के समीकरणों को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) का प्रतिनिधित्व बढ़ाना पार्टी की प्राथमिकता है।नए चेहरों की एंट्री: चर्चा है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। साथ ही, संगठन से दो नए चेहरों को सरकार में शामिल कर कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश देने की तैयारी है।उत्तराखंड मॉडल का असर: हाल ही में पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में जिस तरह कैबिनेट विस्तार के जरिए नए समीकरण साधे गए, उसी तर्ज पर यूपी में भी उन क्षेत्रों के विधायकों के भाग्य खुल सकते हैं जहां वर्तमान में प्रतिनिधित्व कम है।
पोर्टफोलियो में फेरबदल और ‘परफॉर्मेंस रिपोर्ट’
आज की बैठक में सिर्फ नए मंत्रियों के नाम ही तय नहीं होंगे, बल्कि मौजूदा मंत्रियों के पोर्टफोलियो (Portfolios) बदलने पर भी चर्चा संभव है। मिशन 2027 के मद्देनजर पार्टी उन मंत्रियों पर दांव लगाना चाहती है जिनकी जनता के बीच पकड़ मजबूत है और जिनका रिपोर्ट कार्ड बेहतर रहा है। निगमों, आयोगों और बोर्डों में लंबित भर्तियों को लेकर भी इस बैठक में ठोस फैसला लिया जा सकता है, ताकि कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर किया जा सके।
संगठन में बड़ा बदलाव (Organizational Overhaul)
भाजपा केवल सरकार ही नहीं, बल्कि संगठन के स्तर पर भी ‘सर्जरी’ की तैयारी में है। विनोद तावड़े के फीडबैक के आधार पर जिला और मंडल स्तर पर उन पदाधिकारियों को बदला जा सकता है जो सक्रिय नहीं हैं। पार्टी का लक्ष्य एक ऐसा ‘कॉम्बिनेशन’ तैयार करना है जो सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतार सके और विपक्षी नैरेटिव को ध्वस्त कर सके।
2027 की हुंकार
भाजपा का यह ‘मिशन मोड’ साफ संकेत दे रहा है कि पार्टी किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। आज मुख्यमंत्री और विनोद तावड़े की बैठक के बाद यूपी की राजनीति की नई तस्वीर साफ हो जाएगी। एक नए कैबिनेट, नई ऊर्जा और संतुलित संगठन के साथ भाजपा 2027 के महासंग्राम की हुंकार भरने को तैयार है।
