महिला आरक्षण: ‘सम्मान या छलावा?’ – लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में आज होगी अहम बैठक
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महिला आरक्षण: ‘सम्मान या छलावा?’ – लखनऊ कांग्रेस कार्यालय में आज होगी अहम बैठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में आधी आबादी के हक और उनकी हिस्सेदारी को लेकर एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण अधिनियम के दूरगामी प्रभावों और उसकी सच्चाई पर विमर्श करने के लिए कांग्रेस ने आज लखनऊ में एक बड़ी मोर्चाबंदी की है। राजधानी के माल एवेन्यू स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (UPCC) में आज एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसका केंद्र बिंदु महिलाओं को मिलने वाला आरक्षण और उसकी जटिलताएं हैं।
बैठक का मुख्य विषय: सम्मान या छलावा?
कांग्रेस ने इस बैठक का शीर्षक ‘महिला आरक्षण अधिनियम: सम्मान या छलावा’ रखा है। इस विषय के माध्यम से पार्टी केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस का तर्क है कि आरक्षण की बात तो की गई है, लेकिन इसे जनगणना और परिसीमन की शर्तों के साथ बांधकर भविष्य के गर्त में धकेल दिया गया है। पार्टी का उद्देश्य जनता और खासकर महिलाओं के बीच यह संदेश ले जाना है कि कांग्रेस बिना किसी शर्त के तत्काल आरक्षण की पक्षधर है।
दिग्गज नेताओं और प्रबुद्ध वर्ग का संगम
इस बैठक की महत्ता का अंदाजा इसमें शामिल होने वाले नामों से लगाया जा सकता है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर सामाजिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियां एक मंच पर होंगी:अविनाश पांडे (राष्ट्रीय महासचिव व प्रभारी, उत्तर प्रदेश): एआईसीसी के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी अविनाश पांडे विशेष रूप से इस बैठक का हिस्सा बनने लखनऊ पहुंचे हैं। उनके शामिल होने से यह स्पष्ट है कि आलाकमान इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर धार देने की योजना बना रहा है।अजय राय (प्रदेश अध्यक्ष, यूपी कांग्रेस): उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय प्रदेश भर से आए कार्यकर्ताओं और महिला नेताओं के साथ रणनीति साझा करेंगे।आराधना ‘मोना’ मिश्रा (सीएलपी लीडर): कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा सदन में महिला अधिकारों की प्रमुख आवाज रही हैं। वे इस कानून के तकनीकी और विधायी पहलुओं पर पार्टी का पक्ष रखेंगी।प्रो. रूपरेखा वर्मा (पूर्व कुलपति, LU): लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति और प्रखर विचारक रूपरेखा वर्मा की मौजूदगी इस बैठक को एक बौद्धिक आधार देगी। वे सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से महिला सशक्तिकरण की व्याख्या करेंगी।नाइस हसन (समाजसेविका): जानी-मानी समाजसेविका नाइस हसन महिलाओं की जमीनी समस्याओं और आरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार साझा करेंगी।
दोपहर 12:30 बजे से शुरू होगा संवाद
कांग्रेस कार्यालय में आज दोपहर 12:30 बजे से यह बैठक शुरू होगी। इसमें केवल भाषणबाजी नहीं, बल्कि एक ‘ओपन फोरम’ संवाद की उम्मीद है, जहां महिला पदाधिकारी अपनी शंकाएं और सुझाव नेतृत्व के सामने रख सकेंगी। बैठक के बाद एक प्रेस ब्रीफिंग की भी संभावना है, जिसमें आगामी आंदोलनों की रूपरेखा घोषित की जा सकती है।
राजनीतिक मायने और रणनीति
उत्तर प्रदेश में महिलाओं का वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभाता है। कांग्रेस अपनी पुरानी रणनीति ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ को एक कदम आगे बढ़ाते हुए अब ‘अधिकार’ की बात कर रही है। कांग्रेस का मानना है कि भाजपा ने आरक्षण का झुनझुना तो थमाया है, लेकिन पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं की इसमें क्या हिस्सेदारी होगी, इस पर चुप्पी साधी हुई है। आज की बैठक में ‘कोटा के भीतर कोटा’ की मांग को भी पुरजोर तरीके से उठाया जा सकता है।
लखनऊ में आज होने वाला यह मंथन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि कांग्रेस के आगामी चुनावी अभियान का शंखनाद भी माना जा सकता है। प्रबुद्ध समाज और सक्रिय राजनीति के इस मिलन से जो निष्कर्ष निकलेंगे, वे आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की सड़कों पर कांग्रेस के नारों और प्रदर्शनों में दिखाई देंगे। राजधानी में होने वाली इस हलचल पर अन्य राजनीतिक दलों की भी पैनी नजर बनी हुई है।
मीडिया के लिए संक्षिप्त विवरण (Quick Wrap-up):
विषय: महिला आरक्षण अधिनियम पर चर्चा।समय: आज दोपहर 12:30 बजे।स्थान: प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, माल एवेन्यू, लखनऊ।प्रमुख उपस्थिति: अविनाश पांडे, अजय राय, आराधना मिश्रा, रूपरेखा वर्मा, नाइस हसन।
