लखनऊ: भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री अमित त्रिपाठी को मिली जान से मारने की धमकी, ब्राह्मण समाज और प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी का आरोप
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लखनऊ: भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री अमित त्रिपाठी को मिली जान से मारने की धमकी, ब्राह्मण समाज और प्रधानमंत्री पर अभद्र टिप्पणी का आरोप
राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में तनाव; दीप मणि यादव के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस को सौंपी गई तहरीर।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा युवा मोर्चा के महामंत्री और ब्राह्मण नेता अमित त्रिपाठी ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक लिखित प्रार्थना पत्र देकर आरोपी दीप मणि यादव के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। अमित त्रिपाठी का आरोप है कि उन्हें न केवल जान से मारने की धमकी दी गई, बल्कि देश के शीर्ष नेतृत्व और एक विशिष्ट समाज के खिलाफ भी अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया है।
देर रात फोन पर दी गई धमकियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार (25 अप्रैल, 2026) की रात की है। पीड़ित अमित त्रिपाठी ने बताया कि रात लगभग 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच आरोपी दीप मणि यादव ने उन्हें लगातार फोन कॉल किए। त्रिपाठी का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने उन्हें फोन पर भद्दी-भद्दी गालियां दीं और सरेआम जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि वह “आज नहीं तो कल” उन्हें शारीरिक क्षति पहुँचाएगा।
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और ब्राह्मण समाज को बनाया निशाना
शिकायती पत्र के अनुसार, आरोपी ने कॉल के दौरान मर्यादाओं की सभी सीमाएं लांघ दीं। अमित त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि दीप मणि यादव ने न केवल उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वरिष्ठ नेता बृजेश पाठक के खिलाफ अत्यंत अमर्यादित और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया।
इतना ही नहीं, पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने पूरे ब्राह्मण समाज और ठाकुर समाज को लक्षित करते हुए जातिगत गालियां दीं और दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की। आरोप है कि दीप मणि यादव ने भगवान श्री राम और रामायण के तथ्यों को भी तोड़-मरोड़ कर पेश किया, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
परिवार में दहशत का माहौल
अमित त्रिपाठी ने पुलिस को बताया कि इस घटना के बाद से वे और उनका परिवार गहरे मानसिक तनाव और भय में है। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि:आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की सुसंगत धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।उन्हें और उनके परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए।साक्ष्य के तौर पर कॉल रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल्स और स्क्रीनशॉट्स पुलिस को सौंपे गए हैं।
पुलिस की कार्रवाई
हजरतगंज पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में इस घटना की कड़ी निंदा की जा रही है, और कार्यकर्ताओं ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
ब्यूरो रिपोर्ट, लखनऊ।
