चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू, सेना के बैंड की धुन और जयकारों के बीच मध्य हिमालय के लिए रवाना हुई देव डोली
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चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू, सेना के बैंड की धुन और जयकारों के बीच मध्य हिमालय के लिए रवाना हुई देव डोली
सोहन सिंह चमोली/गोपेश्वर (उत्तराखंड): 17 मई 2026
वेब डेस्क, साउथ एशिया 24×7:
देवभूमि उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध पंचकेदारों में शामिल चतुर्थ केदार भगवान श्री रुद्रनाथ जी के कपाट खुलने की पावन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। रविवार को मध्य हिमालय के अलौकिक आंचल में विराजमान भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह देव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर से रुद्रनाथ धाम के लिए विधिवत रवाना हो गई। कल यानी सोमवार, 18 मई को वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ चतुर्थ केदार के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
भक्ति और पुष्प वर्षा के बीच विदा हुई डोली
डोली प्रस्थान के तहत सुबह गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती का आयोजन किया गया। जैसे ही भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली को गर्भगृह से बाहर लाया गया, पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा रुद्रनाथ’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

सेना के बैंड की मधुर धुनों, स्थानीय पारंपरिक वाद्य यंत्रों (ढोल-दमाऊ) की थाप और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच देव डोली ने मध्य हिमालय की ओर प्रस्थान किया। इस दौरान मौजूद सैकड़ों भक्तों ने डोली पर फूल बरसाकर भगवान का आशीर्वाद लिया।
कल मध्याह्न में खुलेंगे कपाट, होंगे ‘एकानन’ स्वरूप के दर्शन
मंदिर के मुख्य पुजारी श्री हरीश भट्ट ने बताया कि परंपरा के अनुसार, सोमवार 18 मई को मध्याह्न (दोपहर) के समय पूर्ण वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ रुद्रनाथ मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु भगवान रुद्रनाथ के अलौकिक व दुर्लभ ‘एकानन’ (मुख) स्वरूप के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
प्रशासनिक अमला और गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस पावन अवसर पर चमोली के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम, राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट और नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत मौजूद रहे।
इसके अलावा संगठन की ओर से भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी और मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज भट्ट भी उपस्थित रहे। सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
आस्था और रोमांच का अद्भुत सफर
आपको बता दें कि समुद्र तल से करीब 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ धाम की यात्रा पंचकेदारों में सबसे कठिन मानी जाती है। घने जंगलों और मखमली बुग्यालों से होकर गुजरने वाला यह रास्ता जितना चुनौतीपूर्ण है, श्रद्धालुओं के लिए उतना ही आत्मिक शांति देने वाला भी है। देव डोली के प्रस्थान के साथ ही चमोली जनपद में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है।
रिपोर्ट: सोहन सिंह, चमोली
साउथ एशिया 24×7
