डीजल और पेट्रोल के दामों में एक बार फिर से हुआ इजाफा ,5 दिन में दूसरी बार बढ़ी पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें, बढ़ सकती है महंगाई
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डीजल और पेट्रोल के दामों में एक बार फिर से हुआ इजाफा ,5 दिन में दूसरी बार बढ़ी पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें, बढ़ सकती है महंगाई
डीज़ल की कीमतों में 91 पैसे प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में डीज़ल की कीमत बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
बीते शुक्रवार को केंद्र सरकार ने एक बार फिर से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों को में वृद्धि की थी और जिस तरह से पिछले 5 दिन के बाद एक बार फिर से पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में वृद्धि की है ऐसे में महंगाई पर इसका असर देखने को मिल सकता है फिलहाल जिस तरह से लगातार पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत बढ़ रही है इससे कीमतों के बढ़ाने की वजह से दूसरे वस्तुओं के दामों में भी इजाफा हो सकता है

वही लखनऊ ट्रक एसोसिएशन ने भी तत्काल प्रभाव से 15 फ़ीसदी ट्रक भाड़े में वृद्धि करने का फैसला किया
जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा मलभदी में 15फिसडीह की खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है जिस तरह से लगातार पेट्रोलियम पदार्थों की वैश्विक संकट के बीच कीमत बढ़ रही है ऐसे में आने वाले दिनों में अगर सरकार ने कोई बड़ा कार्य नहीं कम नहीं उठाया तो उसका असर आम जन जीवन पर पढ़ता हुआ नजर आ सकता है एक के बाद एक सरकार जहां कदम उठा रही है वहीं वैश्विक संकट का भी हवाला दिया जा रहा है अब ऐसे में बड़ी बात यही है कि आखिर इस स्थिति से कैसे निपटा जा सकता है।
जिस तरह से हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई तरह के संकेत दिए हैं
ऐसे में हम लोग भी तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं कि आखिर इस वैश्विक संकट से किस तरह से निपट जाए क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हो रही है ऐसे में उसका आसाराम खुदरा बाजार में भी देखने को मिल रहा है अब आने वाले दिनों में किस तरह से महंगाई को कंट्रोल करने के लिए सरकार कदम उठाती है यह सबसे बात होगी मगर एक बात तो साफ है कि पेट्रोलियम पदार्थों की जिस तरह से कीमती बढ़ रही है उसे रोजगार के सामानों पर भी वृद्धि देखने को मिल सकती है आने वाले दिनों में सरकार क्या कदम उठाएगी किस तरह से महंगाई पर कंट्रोल करती है यह देखना वाजिब होगा
राज्य सरकारी भी खुदरा महंगाई की कंट्रोल के लिए कई तरह से कदम उठाने की कोशिश कर रही है
वहीं दूसरी तरफ पेट्रोलियम पदार्थों की जहां बिक्री को लेकर के भी कई तरह की अपील देखने को मिल रही है वहीं वर्क फ्रॉम होम पर फोकस किया जा रहा है साथ ही इस बात पर फोकस हो रहा कि किस तरह से डीजल और पेट्रोल की खपत कम की जा सकती है और उसके दूसरे ऑप्शन क्या है उसे पर विचार किया जा सकता है
