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विश्व पर्यावरण दिवस: बंजारीपुर में जागरूकता रैली और संगोष्ठी का आयोजन, तालाबों के घटते अस्तित्व पर पर्यावरणविदों ने जताई चिंता

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विश्व पर्यावरण दिवस: बंजारीपुर में जागरूकता रैली और संगोष्ठी का आयोजन, तालाबों के घटते अस्तित्व पर पर्यावरणविदों ने जताई चिंता

बंजारीपुर (अकरमपुर)।

विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्राइमरी स्कूल बंजारीपुर (अकरमपुर) के प्रांगण में एक भव्य जागरूकता रैली एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लगभग 140 प्रतिभागियों ने बेहद उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने पर्यावरण को बचाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

अतिथियों का स्वागत और भव्य शुभारंभ

​कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों के माल्यार्पण और स्वागत सत्कार के साथ हुआ। इस खास मौके पर स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैदर अली, सोनम कुमारी, गुलशन कुमार, पूनम कुमारी, सुनीता देवी एवं सरिता देवी ने कार्यक्रम में पधारे सभी सम्मानित अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया।

​कार्यक्रम की अध्यक्षता नारी संघ की अध्यक्ष रीता देवी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने समाज में महिलाओं और परिवारों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा की शुरुआत हमारे अपने घरों से होनी चाहिए।

विचार संगोष्ठी: जल, जीवन और वृक्षारोपण पर मंथन

​संगोष्ठी के दौरान मुख्य और विशिष्ट वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, जल संचयन तथा वैश्विक स्तर पर हो रहे जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों पर अपने विचार साझा किए।​प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली का आह्वान: कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि ईश्वर चंद ने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और पानी की हर एक बूंद को सहेजने की अपील की। उन्होंने सिंगल-यूज प्लास्टिक के खतरों से आगाह करते हुए कहा: ​”अगर हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देना है, तो हमें आज से ही अपनी जीवनशैली को बदलना होगा। प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाना अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।”

​”अगर हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देना है, तो हमें आज से ही अपनी जीवनशैली को बदलना होगा। प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाना अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।”

 

तालाबों के घटते अस्तित्व पर गहरी चिंता: कार्यक्रम में मौजूद प्रख्यात पर्यावरणविद क़ाज़ी फरीद आलम ने गाजीपुर जनपद के भौगोलिक और पर्यावरणीय इतिहास का जिक्र करते हुए एक बेहद चिंताजनक तथ्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि पूर्व के समय में गाजीपुर जनपद में सैकड़ों की संख्या में प्राकृतिक तालाब और पोखरे हुआ करते थे, जो भूजल स्तर को बनाए रखने और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) के लिए लाइफलाइन का काम करते थे। लेकिन आज मानवीय लापरवाही और अतिक्रमण के कारण इनकी संख्या उंगलियों पर गिनने लायक रह गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्थिति भविष्य के लिए एक गंभीर संकट का संकेत है, इसलिए अब समय आ गया है कि जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग) के लिए पूरा समाज मिलकर सामूहिक प्रयास करे।

पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की मांग

​मंच का कुशल संचालन कर रहे फेलो तारिक़ नसीम अब्बासी ने प्रकृति और इंसानी जुड़ाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं; यदि प्रकृति सुरक्षित नहीं रहेगी तो मानव का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा। आज के समय की सबसे बड़ी मांग यही है कि पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को सरकारी फाइलों से निकालकर एक जनआंदोलन का रूप दिया जाए, ताकि हर नागरिक इसमें अपनी जिम्मेदारी समझे।

​वहीं, मेंटर साकिब अब्बासी ने दुनिया भर में तेजी से बदल रहे मौसम के मिजाज और जलवायु परिवर्तन के खतरों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान और असमय मौसम चक्र में बदलाव से बचने का एकमात्र रास्ता यही है कि हम पर्यावरण की रक्षा के लिए बिना थके निरंतर प्रयास करते रहें।

नारों से गूंजा गांव, निकाली गई भव्य जागरूकता रैली

​संगोष्ठी के समानांतर ही विद्यालय परिसर से एक भव्य पर्यावरण जागरूकता रैली की शुरुआत की गई। इस रैली में स्कूली बच्चों, घरेलू महिलाओं, स्थानीय युवाओं और प्रबुद्ध ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में पर्यावरण रक्षा की तख्तियां लिए प्रतिभागियों ने पूरे बंजारीपुर और अकरमपुर क्षेत्र का भ्रमण किया।

​रैली के दौरान युवाओं और बच्चों के जोश से पूरा इलाका “जल बचाओ, वृक्ष लगाओ” तथा “स्वच्छ पर्यावरण, स्वस्थ जीवन” जैसे गगनभेदी और प्रेरणादायक नारों से गूंज उठा। इस रैली का मुख्य उद्देश्य गांव के उन लोगों तक संदेश पहुंचाना था जो दैनिक जीवन में अनजाने में पानी और पेड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।

आभार और समापन

​कार्यक्रम के सफल समापन पर फेलो तारिक़ नसीम अब्बासी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दूर-दराज से आए सभी अतिथियों, जागरूक प्रतिभागियों, सहयोगी युवाओं तथा मीडिया बंधुओं के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। इस सफल आयोजन ने स्थानीय स्तर पर पर्यावरण के प्रति एक नई चेतना जगाने का काम किया है।

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