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महिला चिकित्सकों के सशक्तिकरण में SGRR मेडिकल कॉलेज की बड़ी छलांग: ‘CAR मॉड्यूल’ कार्यशाला का शानदार आयोजन

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​महिला चिकित्सकों के सशक्तिकरण में SGRR मेडिकल कॉलेज की बड़ी छलांग: ‘CAR मॉड्यूल’ कार्यशाला का शानदार आयोजन

देहरादून। चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ अब महिला चिकित्सकों और छात्राओं के सर्वांगीण विकास व सशक्तिकरण में भी श्री गुरु राम राय (SGRR) मेडिकल कॉलेज ने बाजी मार ली है। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) के प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान के अंतर्गत, SGRR मेडिकल कॉलेज में ‘CAR’ (किक स्टार्ट सेल्फ डिफेन्स, एक्टिव लाइफस्टाइल एंड रेजिलिएंट माइंडसेट) मॉड्यूल पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अनूठी और बेहद जरूरी पहल को अपने परिसर में सफलतापूर्वक लागू करने वाला SGRR मेडिकल कॉलेज उत्तराखंड का प्रथम चिकित्सा संस्थान बन गया है।

​यह गरिमामायी कार्यशाला SGRR मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में तथा इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP), देहरादून शाखा के विशेष सहयोग से आयोजित की गई।

​क्या है ‘CAR’ मॉड्यूल और क्यों है यह बेहद खास?CAR का अर्थ है:C – Kick Start Self Defence (आत्मरक्षा की शुरुआत)​A – Active Lifestyle (सक्रिय जीवनशैली)R – Resilient Mindset (मानसिक रूप से मजबूत दृष्टिकोण)

 

​इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य भावी महिला चिकित्सकों को केवल चिकित्सा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक जीवन में भी सशक्त, निडर और आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यशाला में संस्थान की 45 एमबीबीएस (MBBS) छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस ट्रेनिंग का खाका विशेष रूप से छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने, आपातकालीन स्थितियों में खुद की सुरक्षा करने और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के माध्यम से ‘स्वयं की देखभाल’ (Self-Care) को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया था।

​राष्ट्रीय और राज्य स्तर के विशेषज्ञों ने दिए मंत्र

​इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने में देश और राज्य के प्रतिष्ठित चिकित्सा विशेषज्ञों ने बतौड़ फैकल्टी अपनी भूमिका निभाई। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की प्रोफेसर और इस ‘CAR’ मॉड्यूल की राज्य समन्वयक डॉ. अल्पा गुप्ता ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया।

​कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय संकाय सदस्यों की टीम, जिसमें डॉ. मधु रतूड़ी, डॉ. संगीता लोढ़ा, डॉ. गीता खन्ना एवं डॉ. अल्पा गुप्ता शामिल थीं, ने छात्राओं को महिला सशक्तिकरण के व्यावहारिक पहलुओं की बारीकी से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने छात्राओं को सिखाया कि कैसे एक डॉक्टर के रूप में व्यस्त दिनचर्या के बीच अपनी मानसिक सेहत को दुरुस्त रखा जाए, सक्रिय जीवनशैली अपनाई जाए और कार्यस्थल पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आत्मरक्षा (Self-Defence) की तकनीकों का उपयोग किया जाए।

​मुख्य अतिथि और दिग्गजों ने सराहा

​कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा के निदेशक डॉ. अजय आर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा:​”वर्तमान समय में महिला चिकित्सकों के लिए इस प्रकार के व्यावहारिक और सुरक्षात्मक प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक हैं। यह उन्हें पेशेवर दुनिया में निडरता से काम करने का हौसला देते हैं।”

 

​वहीं, SGRR मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि औपचारिक चिकित्सा शिक्षा और किताबी ज्ञान अपनी जगह है, लेकिन कार्यस्थल पर सुरक्षा की भावना और मजबूत आत्मविश्वास विकसित करने के लिए ऐसे कस्टमाइज्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होंगे।

​आभार और गरिमामयी उपस्थिति

​कार्यक्रम के समापन पर SGRR इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (SGRRIM&HS) के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल कौशिक ने ‘CAR’ मॉड्यूल से जुड़े सभी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय गणमान्य अतिथियों, फैकल्टी सदस्यों और प्रतिभागी छात्राओं का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यहाँ से मिले जीवन-कौशल (Life Skills) छात्राओं के भविष्य को संवारने में सहायक होंगे।

​इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के कई वरिष्ठ और प्रतिष्ठित बाल रोग विशेषज्ञ भी मौजूद रहे, जिनमें डॉ. राजीव श्रीवास्तव, डॉ. जी.डी.एस. बजाज, डॉ. नीरुल पंडिता, डॉ. बिंदु अग्रवाल, डॉ. हरप्रीत कौर, डॉ. आशीष सेठी, डॉ. मोनिका, डॉ. श्रुति, डॉ. प्रेमिला तथा डॉ. तन्वी शामिल हैं।

SGRR मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित यह कार्यशाला न केवल चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख गई, बल्कि भविष्य की महिला डॉक्टरों को मानसिक और शारीरिक रूप से अभेद्य बनाने की दिशा में एक बेहद क्रांतिकारी और अनुकरणीय कदम सिद्ध हुई है।

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