हरेला पर्व पर चमोली में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मुहिम: ग्लोबल क्लाइमेट समिति रोपेगी 500 पौधे
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हरेला पर्व पर चमोली में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मुहिम: ग्लोबल क्लाइमेट समिति रोपेगी 500 पौधे
विशेष संवाददाता, गोपेश्वर (चमोली)
16 जुलाई, 2026
चमोली/गोपेश्वर। उत्तराखंड के लोकपर्व ‘हरेला’ के पावन अवसर पर आज सीमांत जनपद चमोली के मुख्यालय गोपेश्वर सहित संपूर्ण क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की एक नई अलख जगाई गई। उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित मुख्य कार्यक्रम, जिसमें सूबे के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की, में ग्लोबल क्लाइमेट समिति की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक विशेष बना दिया।
ग्लोबल क्लाइमेट समिति के जिला कोऑर्डिनेटर सोहन सिंह के कुशल नेतृत्व में समिति के तमाम वॉलंटियर्स इस वृहद कार्यक्रम का हिस्सा बने। समिति के सदस्यों ने न केवल स्वयं भारी उत्साह के साथ इस आयोजन में शिरकत की, बल्कि आम जनमानस को भी पर्यावरण के प्रति सचेत करने का पुरजोर प्रयास किया।
कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) को कम करने पर गहन मंथन
आयोजन के दौरान ग्लोबल क्लाइमेट समिति के जिला कोऑर्डिनेटर सोहन सिंह और उनके वॉलंटियर्स ने केवल पौधारोपण तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पर्यावरण की वास्तविक चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने स्थानीय लोगों और युवाओं के साथ चर्चा करते हुए बताया कि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके किस तरह कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) को कम किया जा सकता है।”ग्लोबल वॉर्मिंग आज हमारे सामने सबसे बड़ा संकट है। हमें सिर्फ पौधे लगाने ही नहीं हैं, बल्कि उनके जीवित रहने और उनके फलने-फूलने तक उनकी जिम्मेदारी लेनी होगी। पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए हर नागरिक को ‘एटॉमिक स्टेप्स’ (सूक्ष्म एवं प्रभावी कदम) उठाने होंगे।”
— सोहन सिंह, जिला कोऑर्डिनेटर ग्लोबल क्लाइमेट समिति
टोपोग्राफी के अनुसार लगाए जाएंगे 500 पौधे: कृषि विभाग ने दी मंजूरी
पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए ग्लोबल क्लाइमेट समिति ने एक बेहद वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है। सोहन सिंह ने बताया कि समिति ने इस पावन पर्व पर 500 औषधीय और फलदार पौधों के रोपण का संकल्प लिया है।

ये पौधे क्षेत्र की टोपोग्राफी (भौगोलिक संरचना) के अनुरूप लगाए जाएंगे। किस ऊंचाई पर और किस ढलान पर कौन सा वृक्ष जीवित रह सकता है और पर्यावरण के साथ-साथ स्थानीय आजीविका के लिए फलदार वृक्ष कहाँ सहायक हो सकते हैं, इस पर एक सटीक खाका तैयार किया गया है।
इस महत्वपूर्ण योजना को धरातल पर उतारने के लिए:जिला कोऑर्डिनेटर सोहन सिंह ने जिला कृषि अधिकारी आर.जे.पी. तिवारी से गहन विचार-विमर्श किया।सहायक कृषि अधिकारी को इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव और ज्ञापन सौंपा गया।प्रसन्नता की बात यह है कि जिला कृषि विभाग ने ग्लोबल क्लाइमेट समिति के इस प्रस्ताव को सहर्ष मंजूरी दे दी है। अब विभाग के तकनीकी सहयोग से इन 500 पौधों का रोपण अलग-अलग चिन्हित क्षेत्रों में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के संकल्प को मिला युवाओं का साथ
उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष हरेला पर्व पर रिकॉर्ड संख्या में पौधारोपण करने और वनों को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए चमोली के युवा अब पूरी तरह से कमर कस चुके हैं।
चमोली के युवाओं का कहना है कि जिस प्रकार सोहन सिंह के नेतृत्व में ग्लोबल क्लाइमेट समिति काम कर रही है, उससे जिले के अन्य युवाओं को भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे आने की बड़ी प्रेरणा मिल रही है। यह मुहिम आने वाले समय में चमोली को और अधिक हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
