Recruitment उत्तर प्रदेश नगर निकाय: तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर बड़ी भर्ती की तैयारी; 200 से अधिक रिक्तियों के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव
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Recruitment उत्तर प्रदेश नगर निकाय: तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर बड़ी भर्ती की तैयारी; 200 से अधिक रिक्तियों के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शहरी बुनियादी ढांचे को नई गति देने और नगर निकायों की कार्यप्रणाली को अधिक पेशेवर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के नगर निकायों में लंबे समय से रिक्त चल रहे तकनीकी और प्रशासनिक पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नगर विकास विभाग ने करीब 200 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती का एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि शासन से हरी झंडी मिलते ही इन पदों पर चयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को सौंपी जा सकती है।
तकनीकी ढांचे को मजबूत करने पर जोर
नगर निकायों में बढ़ते शहरीकरण और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के दबाव के बीच तकनीकी विशेषज्ञों की भारी कमी महसूस की जा रही थी। विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव में मुख्य रूप से सहायक अभियंता (Assistant Engineer) के पदों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें सिविल, विद्युत और यांत्रिक (Mechanical) शाखाओं के विशेषज्ञों की कमी को दूर करने की योजना है।
आंकड़ों के अनुसार, बुनियादी सेवाओं को सुचारू रखने के लिए विद्युत और यांत्रिक (E&M) शाखा के 14 पद चिह्नित किए गए हैं। वहीं, आधुनिक शहरी चुनौतियों जैसे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से निपटने के लिए पहली बार विशेषज्ञ इंजीनियरों की बड़ी संख्या में तैनाती की तैयारी है।
ट्रैफिक और पर्यावरण विशेषज्ञों की होगी तैनाती
बढ़ते शहरी यातायात और पर्यावरण संरक्षण की जरूरतों को देखते हुए विभाग ने विशिष्ट पदों का सृजन और बहाली का निर्णय लिया है:
- अभियंता (ट्रैफिक): प्रदेश के शहरों में यातायात प्रबंधन को वैज्ञानिक दिशा देने के लिए 34 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव है।
- अभियंता (पर्यावरण): सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और प्रदूषण नियंत्रण के लिए 27 विशेषज्ञ इंजीनियरों की नियुक्ति की जाएगी।
इन तकनीकी पदों के रिक्त होने के कारण वर्तमान में नगर निकायों को आउटसोर्सिंग या अन्य विभागों के भरोसे रहना पड़ता था, जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति प्रभावित हो रही थी।
प्रशासनिक और सौंदर्यकरण पदों पर भी नजर
तकनीकी पदों के अलावा, नगर निकायों के कुशल संचालन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की भी भारी कमी है। विभाग ने सहायक नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारी (EO) श्रेणी के 26 पदों को भरने का प्रस्ताव दिया है। ये अधिकारी निकायों के वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन की मुख्य धुरी होते हैं।
इसके साथ ही, शहरों के सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्रों (Green Zones) के रखरखाव के लिए उद्यान अधिकारी (Garden Officer) के 23 रिक्त पदों को भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया है। उद्यान अधिकारियों की कमी के कारण पार्कों और सार्वजनिक स्थलों के विकास कार्य बाधित हो रहे थे।
UPPSC के माध्यम से पारदर्शी चयन की उम्मीद
शासन के सूत्रों के अनुसार, इन राजपत्रित और तकनीकी पदों की गरिमा और कार्यकुशलता को देखते हुए भर्ती की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रयागराज) को दी जा सकती है। इससे न केवल चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि निकायों को उच्च शिक्षित और योग्य अधिकारी मिल सकेंगे। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर आवेदन मांगे जाएंगे।
विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ़्तार
नगर विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि रिक्तियों के कारण वर्तमान में कई निकायों में एक ही अधिकारी पर कई कार्यभार हैं। नई भर्ती से ‘वर्कलोड’ कम होगा और जनता को दी जाने वाली नागरिक सुविधाओं (जैसे सफाई, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और सड़क मरम्मत) में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले ‘आत्मनिर्भर नगर निकाय’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए यह भर्ती एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि २०२६-२७ के आगामी बजट सत्र से पहले इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से शहरी विकास की नई परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
