लखनऊ: विधानसभा के सामने प्रदर्शन पर पुलिस का सख्त एक्शन, समाजवादी छात्र सभा के कई कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज
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लखनऊ: विधानसभा के सामने प्रदर्शन पर पुलिस का सख्त एक्शन, समाजवादी छात्र सभा के कई कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्र ‘विधानसभा’ के सामने आज समाजवादी छात्र सभा द्वारा किए गए जबरन धरना-प्रदर्शन के मामले में हजरतगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कानून व्यवस्था को चुनौती देने और प्रतिबंधित क्षेत्र में धारा-144 का उल्लंघन करने के आरोप में समाजवादी छात्र सभा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
प्रतिबंधित क्षेत्र में हंगामा: पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प
जानकारी के अनुसार, समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता विभिन्न मांगों को लेकर अचानक विधानसभा के मुख्य द्वार के सामने एकत्रित हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। चूंकि विधानसभा के आसपास का पूरा इलाका ‘हाई सिक्योरिटी ज़ोन’ है और यहाँ किसी भी तरह का धरना-प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित है, ऐसे में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने की चेतावनी दी।
कार्यकर्ताओं द्वारा हटने से इनकार करने और आगे बढ़ने की कोशिश करने पर पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प भी हुई। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और इको गार्डन (धरना स्थल) की ओर भेज दिया।
हजरतगंज पुलिस की कड़ी कार्रवाई: इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि विधानसभा के सामने प्रदर्शन कर आम जनता के लिए यातायात बाधित किया गया और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने निम्नलिखित आरोपों के तहत FIR दर्ज की है:
- धारा-144 का उल्लंघन: प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति भीड़ एकत्र करना।
- सरकारी कार्य में बाधा: ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता।
- सड़क जाम: विधानसभा मार्ग पर आवागमन बाधित करना।
समाजवादी छात्र सभा का पक्ष
वहीं, समाजवादी छात्र सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने आए थे। उनका आरोप है कि पुलिस ने बर्बरता का परिचय देते हुए उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन को कुचलने का प्रयास किया है। हालांकि, पुलिस का स्पष्ट तर्क है कि राजधानी में धरना प्रदर्शन के लिए ‘इको गार्डन’ निर्धारित है, विधानसभा के सामने इस तरह की गतिविधियां सुरक्षा की दृष्टि से स्वीकार्य नहीं हैं।
प्रशासन की चेतावनी: सुरक्षा से समझौता नहीं
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट कर दिया है कि विधानसभा और सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। किसी भी संगठन या दल को प्रतिबंधित क्षेत्र में माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भविष्य में भी इस तरह के प्रयासों पर एनएसए (NSA) या अन्य कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
