पौड़ी गढ़वाल: एलपीजी और ईंधन आपूर्ति पर प्रशासन का बड़ा एक्शन; 66 ठिकानों पर छापेमारी, डीएम के निर्देश पर हड़कंप
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पौड़ी गढ़वाल: एलपीजी और ईंधन आपूर्ति पर प्रशासन का बड़ा एक्शन; 66 ठिकानों पर छापेमारी, डीएम के निर्देश पर हड़कंप
पौड़ी/कोटद्वार, 20 मार्च 2026। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद में एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के सख्त निर्देशों के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया। इस औचक निरीक्षण के दौरान गैस गोदामों, पेट्रोल पंपों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मानकों की अनदेखी करने वालों पर शिकंजा कसा गया है।
जनपद भर में 66 प्रतिष्ठानों की सघन जांच
प्रशासनिक टीमों ने शुक्रवार को पूरे जनपद में जाल बिछाया और कुल 66 प्रतिष्ठानों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कालाबाजारी रोकना और उपभोक्ताओं को निर्धारित दरों पर सही वजन की गैस उपलब्ध कराना था। जांच के दायरे में आए संस्थानों का विवरण इस प्रकार है:
- 11 गैस गोदाम: जनपद के विभिन्न तहसीलों में स्थित गैस भंडारण केंद्रों की जांच की गई।
- 01 पेट्रोल पंप: ईंधन की गुणवत्ता और माप को परखने के लिए पंप का निरीक्षण हुआ।
- 54 व्यावसायिक प्रतिष्ठान: होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक इकाइयों में घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग की जांच की गई।
क्षेत्रवार कार्रवाई का विवरण: कोटद्वार से थलीसैंण तक हड़कंप
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा के नेतृत्व में खाद्य निरीक्षकों की अलग-अलग टीमों ने मोर्चा संभाला:
- कोटद्वार व दुगड्डा: कोटद्वार में 2 गैस गोदाम और 5 प्रतिष्ठान, जबकि दुगड्डा में 1 गैस गोदाम और 6 प्रतिष्ठानों की जांच हुई।
- पाबौ व सतपुली: पाबौ क्षेत्र में सबसे अधिक 20 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और 1 गैस गोदाम का निरीक्षण किया गया। सतपुली में भी 1 गैस गोदाम खंगाला गया।
- लक्ष्मणझूला व नौगांवखाल: लक्ष्मणझूला क्षेत्र के 10 प्रतिष्ठानों और नौगांवखाल में 1 गैस गोदाम, 1 पेट्रोल पंप व 8 प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
- पर्वतीय क्षेत्र: थलीसैंण, उफरैंखाल, रिखणीखाल और धुमाकोट-नैनीडांडा क्षेत्रों में भी गैस गोदामों और व्यावसायिक इकाइयों की गतिविधियों को परखा गया।
अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस: जिला पूर्ति अधिकारी की चेतावनी
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी वेंडर या व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि:
- उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुसार सेवा देना प्राथमिकता है।
- घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- यह अभियान केवल एक दिन के लिए नहीं है, बल्कि भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
पारदर्शिता और सुचारू आपूर्ति का लक्ष्य
इस छापेमारी से पूरे जनपद के व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का प्रयास है कि दुर्गम क्षेत्रों में भी एलपीजी की आपूर्ति सुचारू रहे और गैस एजेंसियों द्वारा ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क या घटतौली जैसी शिकायतें न आएं। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सभी उपजिलाधिकारियों (SDMs) को भी अपने क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
