आज हल्द्वानी में होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जनसभा को करेंगे संबोधित, धामी सरकार के 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम में भरेंगे हुंकार
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हल्द्वानी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भव्य दौरा, धामी सरकार के 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम में भरेंगे हुंकार
हल्द्वानी (नैनीताल) | 21 मार्च 2026
उत्तराखंड की राजनीति और विकास के लिहाज से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज नैनीताल जिले के दौरे पर रहेंगे। वे कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली धामी सरकार के सफल चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
धामी सरकार के ‘चार साल बेमिसाल’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे होने पर प्रदेश भर में उत्साह का माहौल है। हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में होने वाला यह कार्यक्रम सरकार की उपलब्धियों के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा मंत्री यहाँ केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सामरिक दृष्टि से उत्तराखंड के महत्व पर अपनी बात रखेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम (Schedule)
सुरक्षा कारणों और व्यस्तता के चलते रक्षा मंत्री के कार्यक्रम में आंशिक संशोधन भी किया गया है। पूर्व प्रस्तावित सैनिक स्कूल घोड़ाखाल जाने का कार्यक्रम फिलहाल रद्द कर दिया गया है।
आज का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
- सुबह 11:10 बजे: दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से विशेष विमान द्वारा रवानगी।
- दोपहर 12:10 बजे: ऊधमसिंह नगर के पंतनगर एयरपोर्ट पर आगमन।
- दोपहर 12:20 बजे: हेलीकॉप्टर द्वारा पंतनगर से हल्द्वानी के लिए प्रस्थान।
- दोपहर 12:40 बजे: हल्द्वानी स्थित आर्मी हेलीपैड पर लैंडिंग।
- दोपहर 12:55 बजे: कार द्वारा कार्यक्रम स्थल एमबी इंटर कॉलेज मैदान पहुँचेंगे।
- दोपहर 01:00 बजे से: विशाल जनसभा को संबोधन और सरकार की उपलब्धियों का विमोचन।
- दोपहर 02:15 बजे: कार्यक्रम संपन्न कर आर्मी हेलीपैड के लिए रवानगी।
- दोपहर 02:55 बजे: पुनः पंतनगर एयरपोर्ट पहुँचेंगे।
- दोपहर 03:25 बजे: दिल्ली के लिए प्रस्थान।
जनसभा को लेकर प्रशासन की तैयारी
हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भारी संख्या में पुलिस बल और खुफिया एजेंसियों को तैनात किया गया है। भाजपा संगठन द्वारा इस रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए नैनीताल और अल्मोड़ा जिले से भारी भीड़ जुटने की उम्मीद जताई गई है।
रणनीतिक महत्व और सियासी संदेश
रक्षा मंत्री का यह दौरा न केवल सरकारी उत्सव का हिस्सा है, बल्कि सामरिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती राज्य उत्तराखंड के लिए एक बड़ा संदेश भी है। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल का कार्यक्रम रद्द होने के बावजूद, राजनाथ सिंह का हल्द्वानी आना कुमाऊं क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और पूर्व सैनिकों में नया जोश भरने का काम करेगा।
मुख्य बिंदु:
- धामी सरकार के 4 वर्ष के सफल कार्यकाल का उत्सव।
- कुमाऊं क्षेत्र में भाजपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन।
- केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय का संदेश।
धामी सरकार के 4 साल: विकास, विश्वास और ‘विकल्प रहित संकल्प’ के चार साल बेमिसाल
देहरादून | 21 मार्च 2026
उत्तराखंड की राजनीति में आज एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने सफल चार वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। “युवा मुख्यमंत्री, युवा सोच” के नारे के साथ शुरू हुआ यह सफर आज ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मंत्र के साथ उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में अग्रसर है।
इन चार वर्षों में प्रदेश ने न केवल बुनियादी ढांचे में सुधार देखा, बल्कि कई ऐसे ऐतिहासिक और कड़े निर्णय भी देखे जिन्होंने उत्तराखंड को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान दी है।
1. ऐतिहासिक निर्णय: समान नागरिक संहिता (UCC)
धामी सरकार के इन चार वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करना रही है। उत्तराखंड आजादी के बाद यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना। मुख्यमंत्री धामी ने इसे “समानता और न्याय” का प्रतीक बताते हुए महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक समरसता के लिए मील का पत्थर साबित किया है।

2. सख्त कानून और भ्रष्टाचार पर प्रहार
मुख्यमंत्री धामी ने ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ के संकल्प को धरातल पर उतारा है।
- नकल विरोधी कानून: देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती माफियाओं की कमर तोड़ी गई, जिससे अब मेधावी युवाओं को बिना किसी धांधली के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं।
- धर्मांतरण और दंगारोधी कानून: राज्य की जनसांख्यिकी और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानून (दंगाइयों से नुकसान की वसूली) लागू किए गए।
- अतिक्रमण पर कार्रवाई: सरकारी भूमि से अवैध कब्जों और ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ अभियान चलाकर हजारों एकड़ जमीन मुक्त कराई गई।
3. बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी का विस्तार
बीते चार वर्षों में ‘डबल इंजन’ की सरकार ने उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है:
- चारधाम ऑल वेदर रोड: तीर्थयात्रियों के लिए सफर सुगम और सुरक्षित हुआ है।
- ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: इस प्रोजेक्ट का 70% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है, जो पहाड़ के जीवन को बदलने वाला है।
- हवाई कनेक्टिविटी: ‘उड़ान’ योजना के तहत देहरादून और पंतनगर के अलावा पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों को भी हवाई सेवा से जोड़ा गया है।
4. निवेश और रोजगार के नए अवसर
दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर समिट ने प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को बदल दिया। सरकार के अनुसार:
- लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) साइन हुए।
- अब तक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
- पिछले 4 वर्षों में लगभग 26,000 सरकारी नौकरियां प्रदान की गईं, जिसका लक्ष्य जल्द ही 36,000 पार करना है।
5. महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण
’लखपति दीदी’ योजना के माध्यम से 1.65 लाख से अधिक महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाया गया है। साथ ही, अंत्योदय परिवारों को साल में 3 मुफ्त गैस सिलेंडर और महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30% क्षैतिज आरक्षण देकर सरकार ने ‘मातृशक्ति’ के सम्मान को सर्वोपरि रखा है।
6. आपदा प्रबंधन और चुनौतियों का सामना
चाहे वह सिल्क्यारा टनल रेस्क्यू हो या जोशीमठ भू-धंसाव की आपदा, मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं मोर्चे पर रहकर ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाई। उनकी कार्यशैली ने यह सिद्ध किया कि वे केवल फाइलों के मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर निर्णय लेने वाले नेता हैं।
