हल्द्वानी धर्मांतरण और AI के जरिए ब्लैकमेलिंग करने वाला Ibrahim गिरफ्तार, पूछताछ जारी
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हल्द्वानी धर्मांतरण और AI के जरिए ब्लैकमेलिंग करने वाला Ibrahim गिरफ्तार, पूछताछ जारी
हल्द्वानी/लालकुआँ: देवभूमि उत्तराखंड में धर्मांतरण और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अब धरातल पर कड़ाई से उतरती दिख रही है। नैनीताल जनपद के लालकुआँ क्षेत्र में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को जाल में फँसाकर छेड़छाड़ करने, धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से शुरू हुआ जालसाजी का खेल
घटना की शुरुआत करीब दो महीने पहले हुई, जब आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक लड़की की फोटो लगाकर फर्जी आईडी बनाई। इस आईडी के जरिए उसने क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की से संपर्क साधा। बातों-बातों में आरोपी ने पीड़िता का भरोसा जीता और उसकी निजी जानकारी व मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। नंबर मिलने के बाद आरोपी लगातार फोन के माध्यम से पीड़िता पर संपर्क और दबाव बढ़ाने लगा।
धर्मांतरण का दबाव और AI तकनीक का खौफनाक इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने न केवल पीड़िता के साथ जबरन छेड़छाड़ की, बल्कि उस पर धर्म परिवर्तन करने के लिए मानसिक और शारीरिक दबाव भी बनाया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर उसे डराना शुरू कर दिया। आरोपी ने धमकी दी कि वह AI (Artificial Intelligence) तकनीक का इस्तेमाल कर पीड़िता के अश्लील वीडियो बना देगा और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर समाज में बदनाम कर देगा।
एसएसपी नैनीताल का कड़ा एक्शन: ‘सीधा जेल होगा ठिकाना’
मामला जैसे ही नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर श्रेणी में रखते हुए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में धर्मांतरण या महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कहा:”उत्तराखंड सरकार की नीति स्पष्ट है—धर्मांतरण पर जीरो टॉलरेंस। हमने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। भविष्य में भी ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
कड़ी धाराओं में मुकदमा और गिरफ्तारी
पीड़िता की तहरीर पर कोतवाली लालकुआँ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78/79 और पोक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 7/8 के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इसमें उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता संशोधन अधिनियम-2022 की धारा 3(1)/5(1) को भी जोड़ा है, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
पुलिस अधीक्षक (हल्द्वानी) मनोज कत्याल और क्षेत्राधिकारी अमित सैनी के निर्देशन में गठित टीम ने सर्विलांस की मदद से आरोपी इब्राहिम (27 वर्ष), निवासी बाजपुर (ऊधमसिंह नगर) को लालकुआँ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम की तत्परता
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह राणा के नेतृत्व में उप-निरीक्षक वन्दना चौहान, जोगेन्द्र यादव और कांस्टेबल दिलीप कुमार, कमल बिष्ट, अशोक कम्बोज व जितेन्द्र बिष्ट की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह गिरफ्तारी उन तत्वों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर मासूमों को निशाना बना रहे हैं। नैनीताल पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने राज्य में कानून के इकबाल को और मजबूत किया है, साथ ही धर्मांतरण के खिलाफ सरकार के सख्त रुख की पुष्टि की है। विभाग ने साफ किया है कि साइबर स्पेस और जमीन पर होने वाली ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर उनकी पैनी नजर बनी हुई है
