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मायावती ने दी ईद-उल-फ़ित्र की दिली मुबारकबाद: भाईचारे और बाबा साहेब के संविधान का दिया संदेश

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मायावती ने दी ईद-उल-फ़ित्र की दिली मुबारकबाद: भाईचारे और बाबा साहेब के संविधान का दिया संदेश

लखनऊ | 21 मार्च 2026

​बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज देश और दुनिया भर में मनाए जा रहे ईद-उल-फ़ित्र के पावन अवसर पर समस्त देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम समाज को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने आपसी सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों को सर्वोपरि रखने की अपील की है।

इबादत के बाद खुशी का पैगाम

​अपने शुभकामना संदेश में मायावती ने रमज़ान के पवित्र महीने के महत्व का उल्लेख करते हुए लिखा:

“रमज़ान के मुबारक/पवित्र महीने में एक महीना का रोज़ा और तरावीह आदि की इबादतों के बाद आज ईद-उल-फ़ित्र त्योहार ख़ुशी की उत्तर प्रदेश व समस्त देशवासियों में भी ख़ासकर देश एवं दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय मुसलमान परिवारों को मेरी दिली मुबारकबाद।”

 

​उन्होंने आगे जोड़ा कि वे अन्य भारतीयों के साथ-साथ उन सभी के लिए भी एक अच्छी और सुखद ज़िंदगी की कामना करती हैं।

बाबा साहेब के संविधान और गारंटी का उल्लेख

​मायावती ने अपने संदेश में सामाजिक न्याय और संवैधानिक सुरक्षा के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के हर नागरिक को एक सम्मानजनक और अच्छी ज़िंदगी जीने का अधिकार भारत का संविधान देता है।

​उन्होंने लिखा, “जिसकी गारन्टी परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के भारतीय संविधान ने सभी नागरिकों को दी है।” मायावती का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे अक्सर दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए संविधान को सबसे मजबूत कवच बताती रही हैं।

भाईचारे और समतामूलक विकास की अपील

​त्योहार की खुशियों के बीच बसपा प्रमुख ने देश में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए नागरिकों से अपना योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने संदेश में लिखा:

  1. मेलजोल और भाईचारा: सभी लोग आपसी मेलजोल, भाईचारा, सौहार्द, संयम व सहनशीलता की परम्परा को बनाए रखें।
  2. समतामूलक विकास: देश के विकास में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो ताकि समतामूलक (Equitable) विकास की बात आगे बढ़े।
  3. राष्ट्रीय गर्व: देश की ख़ुशी एवं ख़ुशहाली में सभी लोग हिस्सेदार बनकर उस पर गर्व महसूस करें।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

​मायावती का यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब देश में त्योहारों के माध्यम से सामाजिक एकता का संदेश देने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बाबा साहेब के संविधान का जिक्र कर मायावती ने अपने समर्थकों और अल्पसंख्यक वर्ग को यह याद दिलाने की कोशिश की है कि उनके अधिकारों की सुरक्षा संविधान के दायरे में ही संभव है।

​ईद के मौके पर मायावती का यह संदेश केवल एक औपचारिक बधाई नहीं है, बल्कि यह देश की गंगा-जमुनी तहजीब और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती प्रदान करने वाला आह्वान है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बसपा प्रमुख का यह बयान एक बार फिर “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की उनकी पुरानी विचारधारा को प्रतिबिंबित करता है।

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