South Asia 24×7 का मतलब पक्की खबर, देश और जहान की ताजातरीन खबरें,पत्रकारिता की नई आधारशिला, निष्पक्षता और पारदर्शिता अब, South Asia 24×7 पर खबर ग्राउंड जीरो से, मंझे हुए संवाददाताओं के साथ,हर जन मुद्दे पर, सीधा सवाल सरकार से ,सिर्फ South Asia 24 ×7 पर,पत्रकारिता की मजबूती के लिए जुड़िए हमारे साथ, South Asia 24×7 के यूट्यूब चैनल,फेसबुक और ट्विटर पर क्योंकि हम करते है बात मुद्दे की

South Asia24x7

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,South Asia24x7

यूपी भाजपा कोर कमेटी की बड़ी बैठक: आउटसोर्सिंग भर्तियों में आरक्षण और निगम-बोर्डों में नियुक्तियों पर बनी सहमति

1 min read

यूपी भाजपा कोर कमेटी की बड़ी बैठक: आउटसोर्सिंग भर्तियों में आरक्षण और निगम-बोर्डों में नियुक्तियों पर बनी सहमति

लखनऊ | 21 मार्च 2026

​उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास (5 कालिदास मार्ग) पर शनिवार को भाजपा कोर कमेटी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार की विशेष मौजूदगी में हुई इस बैठक में आगामी पंचायत चुनावों, संगठन के विस्तार और सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए।

​इस बैठक का सबसे अहम फैसला प्रदेश में होने वाली आउटसोर्सिंग भर्तियों से जुड़ा है, जो आने वाले समय में राज्य की राजनीति और रोजगार परिदृश्य को प्रभावित करेगा।

आउटसोर्सिंग भर्तियों में लागू होगा आरक्षण का फॉर्मूला

​बैठक में सरकार और संगठन के बीच इस बात पर पूर्ण सहमति बनी कि प्रदेश में आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में भी आरक्षण के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

  • सामाजिक न्याय का संदेश: सरकार का मानना है कि आउटसोर्सिंग नौकरियों में पिछड़े (OBC) और दलित (SC/ST) वर्गों की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने से ‘सबका साथ, सबका विकास’ का संकल्प और मजबूत होगा।
  • विपक्ष की काट: लंबे समय से विपक्षी दल आउटसोर्सिंग नियुक्तियों में आरक्षण न होने को मुद्दा बना रहे थे। कोर कमेटी के इस निर्णय को विपक्ष के धारदार हमलों की काट के रूप में देखा जा रहा है।

रिक्त पदों को भरने और नई टीम पर मंथन

​बैठक में प्रदेश के विभिन्न आयोगों, निगमों और बोर्डों में लंबे समय से खाली चल रहे पदों को भरने पर विस्तार से विमर्श किया गया।

  1. कार्यकर्ताओं का समायोजन: संगठन के प्रति समर्पित वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को आयोगों और बोर्डों में जिम्मेदारी देकर उन्हें सम्मानित करने की योजना तैयार की गई है।
  2. संगठन की नई टीम: प्रदेश भाजपा की नई टीम और क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों को लेकर भी चर्चा हुई। जल्द ही संगठन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
  3. मंत्रिमंडल विस्तार: हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद शेष रह गई संभावनाओं और विभागों के बेहतर तालमेल पर भी विचार साझा किए गए।

जाति विशेष विवाद और पंचायत चुनाव की तैयारी

​बैठक में हाल के दिनों में जाति विशेष को लेकर उपजे विवादों पर भी गंभीर चर्चा हुई। संघ और भाजपा नेतृत्व ने साफ किया कि पार्टी किसी भी प्रकार के जातिगत विद्वेष को बढ़ावा नहीं देगी और सभी वर्गों को साथ लेकर चलेगी।

  • पंचायत चुनाव: आगामी पंचायत चुनावों को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के रुख और तैयारियों की समीक्षा की गई। पार्टी ने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को अभी से सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं।
  • OBC आयोग: अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग की भूमिका और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने के लिए आयोग की सक्रियता पर भी रणनीति बनाई गई।

बैठक में मौजूद प्रमुख चेहरे

​इस उच्च स्तरीय मंथन में भाजपा और संघ के शीर्ष पदाधिकारी शामिल रहे:

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ: सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार, क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह और महेंद्र कुमार।
  • भाजपा संगठन: प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह।
  • सरकार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक
  •  2027 के लिए बिछने लगी बिसात

​कोर कमेटी की इस बैठक ने साफ कर दिया है कि भाजपा अब “प्रो-एक्टिव मोड” में है। आउटसोर्सिंग में आरक्षण और आयोगों में नियुक्तियों के जरिए पार्टी अपने सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले को और धार देना चाहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!