नैनीताल सड़क हादसा: भवाली-हल्द्वानी मार्ग पर अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार, दो की मौत, दो घायल
1 min read


नैनीताल सड़क हादसा: भवाली-हल्द्वानी मार्ग पर अनियंत्रित होकर खाई में गिरी कार, दो की मौत, दो घायल
नैनीताल। उत्तराखंड के पर्वतीय मार्गों पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला जनपद नैनीताल के भवाली-हल्द्वानी मोटर मार्ग का है, जहाँ शनिवार सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में दो युवकों की अकाल मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर सफर की सुरक्षा और वाहनों की अनियंत्रित गति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दिनांक 21 मार्च 2026 की सुबह एक वेन्यू कार (वाहन संख्या: UP 78 HJ 4936) भवाली से हल्द्वानी की ओर जा रही थी। सुबह करीब 8:30 बजे के आसपास, जैसे ही कार गेठिया के समीप पहुँची, चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। ढलान और तीखे मोड़ के कारण कार अनियंत्रित होकर पैराफिट तोड़ती हुई सड़क से लगभग 60-70 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
वाहन के खाई में गिरते ही चीख-पुकार मच गई। आस-पास के ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत इस घटना की सूचना जिला आपदा कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल सक्रिय हो गए।
SDRF का त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन
आपदा कंट्रोल रूम नैनीताल से प्रातः 08:40 बजे घटना की सटीक सूचना SDRF (State Disaster Response Force) को मिली। समय की संवेदनशीलता को देखते हुए, SDRF पोस्ट नैनीताल से उप निरीक्षक मनीष भाकुनी के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम महज 5 मिनट के भीतर यानी 08:45 बजे घटनास्थल के लिए रवाना हो गई।
घटनास्थल पर पहुँचते ही SDRF की टीम ने देखा कि कार के परखच्चे उड़ चुके थे और वह गहरी खाई में फंसी हुई थी। दुर्गम ढलान होने के कारण नीचे उतरना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने बिना समय गंवाए रोप (रस्सी) के सहारे खाई में उतरकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
घायलों को मिला जीवनदान, दो घरों में पसरा मातम
कार में कुल चार युवक सवार थे। SDRF की टीम ने मलबे में दबे घायलों को निकालने के लिए कटर और अन्य उपकरणों का प्रयोग किया। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद अतुल दुबे (26 वर्ष, निवासी उन्नाव) और श्याम (32 वर्ष, निवासी पीताम्बर नगर) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया और एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी चिकित्सालय, हल्द्वानी भेजा गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।
वहीं, दूसरी ओर इस हादसे का काला पक्ष यह रहा कि अंकित चौधरी और अभिराज की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि इन दोनों ने रेस्क्यू टीम के पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया था। SDRF ने अत्यंत सावधानी के साथ दोनों मृतकों के शवों को खाई से बाहर निकाला और जिला पुलिस के सुपुर्द किया। पुलिस ने शवों को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सुरक्षा पर उठते सवाल
नैनीताल और आस-पास के क्षेत्रों में बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवाली-हल्द्वानी मार्ग पर कई जगह तीखे मोड़ और कोहरा होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इस दुर्घटना के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्राथमिक दृष्टि से तेज रफ्तार या मोड़ पर निर्णय की चूक को कारण माना जा रहा है। जिला पुलिस और परिवहन विभाग अब इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं कि क्या दुर्घटना तकनीकी खराबी की वजह से हुई या मानवीय भूल के कारण।
यह घटना उन परिवारों के लिए एक अपूरणीय क्षति है जिन्होंने अपने युवा बेटों को खो दिया। प्रशासन ने एक बार फिर यात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों में ड्राइविंग करते समय गति सीमा का पालन करें और मोड़ों पर विशेष सावधानी बरतें।
