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UP Board New Session 2026: यूपी में आज से शुरू हुआ नया शैक्षिक सत्र, अब ‘रजिस्टर’ नहीं ‘ऑनलाइन’ लगेगी हाजिरी, 75% हाजरी जरूरी

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UP Board New Session 2026: यूपी में आज से शुरू हुआ नया शैक्षिक सत्र, अब ‘रजिस्टर’ नहीं ‘ऑनलाइन’ लगेगी हाजिरी, 75% उपस्थिति अनिवार्य

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) के तहत आने वाले हजारों स्कूलों में आज, 1 अप्रैल 2026 से नए शैक्षिक सत्र का आगाज हो गया है। इस बार का सत्र केवल नई किताबों और नई कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि योगी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए ‘डिजिटल हाजिरी’ और ‘ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन’ का नया कानून कड़ाई से लागू कर दिया है।

ऑनलाइन हाजिरी: अब नहीं चलेगी मनमानी

​सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ऑफलाइन रजिस्टर होने की वजह से कई स्कूलों में छात्र-छात्राओं और यहाँ तक कि शिक्षकों की उपस्थिति में हेरफेर किया जाता था। इसे रोकने के लिए अब कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है।​पारदर्शिता: ऑनलाइन सिस्टम से सरकार को रोजाना छात्र-छात्राओं की वास्तविक संख्या का पता चल सकेगा।​75% का नियम: नए सत्र में छात्रों के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य की गई है। यदि उपस्थिति इससे कम रहती है, तो छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।​जीरो टॉलरेंस: माध्यमिक शिक्षा परिषद ने साफ कर दिया है कि ऑनलाइन हाजिरी में किसी भी तरह की शिथिलता बरतने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन की तैयारी

​उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के नेतृत्व में विभाग ‘रोजगारपरक और ज्ञानवर्धक’ शिक्षा पर जोर दे रहा है।​डिजिटल डेटाबेस: एडमिशन से लेकर रजिस्ट्रेशन तक की प्रक्रिया ऑनलाइन होने से फर्जी दाखिलों पर लगाम लगेगी।​रोजगारपरक पाठ्यक्रम: नए सत्र में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) को और अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि छात्र केवल डिग्री ही न लें, बल्कि उनके पास हुनर भी हो।​हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परिदृश्य: हाल ही में संपन्न हुई बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश भर के करीब 55 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। अब उनके परिणामों का इंतजार है, जिसके तुरंत बाद नए सत्र की पढ़ाई में और तेजी आएगी।

भविष्य का विजन: स्मार्ट क्लास और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर

​उत्तर प्रदेश सरकार का आगामी प्लान शिक्षा को पूरी तरह से ‘स्मार्ट’ बनाने का है।​स्मार्ट क्लासरूम: सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के मुकाबले खड़ा करने के लिए स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब पर निवेश किया जा रहा है।​निगरानी तंत्र: शिक्षा विभाग के अधिकारी अब सीधे लखनऊ से किसी भी स्कूल की अटेंडेंस रिपोर्ट और शैक्षणिक प्रगति देख सकेंगे।​शिक्षक जवाबदेही: ऑनलाइन अटेंडेंस से शिक्षकों की समयबद्धता सुनिश्चित होगी, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को मिलेगा।

 सुशासन से सुधरेगी शिक्षा

​प्रयागराज से जारी ये निर्देश केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। डिजिटल दखल से जहाँ भ्रष्टाचार कम होगा, वहीं छात्रों में भी अनुशासन बढ़ेगा। योगी सरकार की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश का हर छात्र तकनीकी रूप से सक्षम और ज्ञान से परिपूर्ण हो।

माध्यमिक शिक्षा में नवाचार और सुधार योजना (2026)

​उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष शिक्षा के बजट में 15% की वृद्धि करते हुए माध्यमिक शिक्षा के लिए 22,167 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। प्रमुख नवाचार इस प्रकार हैं:​इम्प्रूवमेंट परीक्षा (Improvement Exam): पहली बार इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के छात्रों को किसी एक विषय में अपने अंक सुधारने के लिए परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था पहले केवल हाई स्कूल के लिए थी।​मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय: प्रदेश के सभी 75 जिलों में दो-दो अत्याधुनिक ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल’ और एक-एक ‘अभ्युदय विद्यालय’ विकसित किए जा रहे हैं।​तकनीकी निगरानी: परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाया गया है, जिसमें वॉयस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी और वेबकास्टिंग के जरिए लाइव मॉनिटरिंग शामिल है।

​2. बोर्ड परीक्षा 2026: छात्र संख्या और रिजल्ट की तिथि

​इस वर्ष की बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच संपन्न हुई

हाई स्कूल (10वीं)

लगभग 27,61,696

इंटरमीडिएट (12वीं)

लगभग 25,76,082

कुल योग

53,37,778

  • रिजल्ट की घोषणा: माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा परीक्षा परिणाम 20 अप्रैल 2026 के आसपास घोषित किए जाने की प्रबल संभावना है। उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी समय से परिणाम देने की तैयारी में है।

​3. नए सत्र की प्रमुख योजनाएं

​आज से शुरू हो रहे नए सत्र में शिक्षा विभाग निम्नलिखित योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रहा है:​यूपी फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन योजना: इस वर्ष योजना का विस्तार करते हुए तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के छात्रों के साथ-साथ माध्यमिक स्तर के मेधावी छात्रों को भी शामिल किया जा रहा है।

रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना: मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि उच्च शिक्षा के लिए उनके आवागमन को सुलभ बनाया जा सके।​मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना (Apprenticeship Promotion): छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण (Hands-on training) दिलाने के लिए 40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए जन्म से लेकर स्नातक तक विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता दी जा रही है।​डिजिटल लर्निंग: सरकारी स्कूलों में ‘स्मार्ट क्लासेज’ और डिजिटल कंटेंट के जरिए पढ़ाई पर जोर दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ सकें।

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