Earthquake Alert: दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, अफगानिस्तान और कजाकिस्तान में भी कांपी धरती
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Earthquake Alert: दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, अफगानिस्तान और कजाकिस्तान में भी कांपी धरती
नई दिल्ली/देहरादून: उत्तर भारत के कई राज्यों समेत एशिया के बड़े हिस्से में आज भूकंप के तेज झटकों ने भारी दहशत पैदा कर दी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में धरती हिलने से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप का असर न केवल भारत में बल्कि अफगानिस्तान, तिब्बत और कजाकिस्तान में भी देखा गया है। 5.9 रिएक्टर पर दिल्ली मेंभूकंप आया है
दिल्ली-NCR में दहशत का माहौल
दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में झटके इतने तेज थे कि बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। अभी तक सीस्मोलॉजी डिपार्टमेंट (NCS) की ओर से भारत में आए इस भूकंप की सटीक तीव्रता (Magnitude) और केंद्र (Epicenter) को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन प्राथमिक अनुमानों के अनुसार इसकी तीव्रता काफी अधिक महसूस की गई है। दिल्ली के कई इलाकों में अफरा-तफरी की स्थिति देखी गई, हालांकि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
अफगानिस्तान और कजाकिस्तान में भारी तीव्रता
भारत के साथ-साथ पड़ोसी देशों में भी कुदरत का कहर देखने को मिला है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार:
- अफगानिस्तान: यहाँ रिक्टर स्केल पर 5.9 की तीव्रता का भीषण भूकंप मापा गया है। अफगानिस्तान का हिंदूकुश क्षेत्र अक्सर भूकंप का केंद्र रहता है, और माना जा रहा है कि दिल्ली में महसूस किए गए झटकों का संबंध इसी क्षेत्र से हो सकता है।
- कजाकिस्तान: यहाँ भी 5.1 रिक्टर स्केल की तीव्रता के साथ धरती कांपी है।
- तिब्बत और हिमाचल: भारत के पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश और तिब्बत सीमा से सटे इलाकों में भी झटके महसूस किए गए हैं, जिससे भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ गया है।
सुदर्शन झील और ऐतिहासिक भूकंपों का संदर्भ
इतिहास गवाह है कि हिमालयी बेल्ट और उत्तर भारत का यह हिस्सा सीस्मिक जोन 4 और 5 में आता है, जो भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। जिस तरह हमने प्राचीन इतिहास में पढ़ा है कि प्राकृतिक आपदाओं ने बड़े-बड़े बांधों (जैसे रुद्रदमन के समय सुदर्शन झील का बांध) को भी नुकसान पहुँचाया था, आज की आधुनिक संरचनाओं के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती है।
भूकंप आने पर क्या करें? (सुरक्षा उपाय)
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के दौरान घबराना नहीं चाहिए। यदि आप घर के अंदर हैं, तो:
- ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ का पालन करें। किसी मजबूत मेज के नीचे छिप जाएं।
- लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें, सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
- कांच की खिड़कियों और भारी अलमारियों से दूर रहें।
- यदि आप खुले मैदान में हैं, तो बिजली के खंभों और ऊँची इमारतों से दूर हट जाएं।
