UP News: काशी में सीएम योगी के प्रवास का दूसरा दिन, बाबा विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य को किया नमन
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UP News: काशी में सीएम योगी के प्रवास का दूसरा दिन, बाबा विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य को किया नमन
वाराणसी | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय काशी प्रवास के दूसरे दिन पूरी तरह भक्ति और विकास के एजेंडे में रचे-बसे नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने आज सुबह सबसे पहले काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उनके साथ मंदिर के महंत, अर्चक और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और लोक-कल्याण की कामना
शनिवार सुबह जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, तो डमरूओं की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने गर्भगृह में बैठकर भगवान भोलेनाथ का षोडशोपचार पूजन किया।विशेष पूजा: उन्होंने दूध, गंगाजल और शहद से बाबा का जलाभिषेक किया और बेलपत्र अर्पित किए।संकल्प: पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की जनता की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के भाव के साथ प्रदेशवासियों के कल्याण का संकल्प लिया।
पूजा के पश्चात मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का बारीकी से निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
सम्राट विक्रमादित्य के जीवन दर्शन से रूबरू हुए सीएम
इससे पूर्व, शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी में आयोजित एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिरकत की थी। उन्होंने उज्जैन के न्यायप्रिय राजा सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित भव्य नाटक का अवलोकन किया।महत्वपूर्ण उपस्थिति: इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके साथ मौजूद रहे।तीन दिवसीय आयोजन: आपको बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा काशी में तीन दिवसीय ‘सम्राट विक्रमादित्य’ नाटक का मंचन किया जा रहा है। इस मंचन के जरिए राजा विक्रमादित्य की वीरता, उनके न्याय कौशल और सांस्कृतिक उपलब्धियों को जनता के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। इस नाटक का समापन कल, 5 अप्रैल को होगा।
मुख्यमंत्री योगी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमारी गौरवशाली भारतीय विरासत और इतिहास को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं।
विकास कार्यों की समीक्षा और अधिकारियों को निर्देश
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान वाराणसी के विकास कार्यों पर केंद्रित रहा। दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने सर्किट हाउस में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।योजनाओं का निरीक्षण: सीएम ने प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स और काशी में चल रही अन्य बुनियादी ढांचागत योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मांगी।समय सीमा: उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।जनसुनवाई: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण और गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल और बिजली की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
काशी का बदलता स्वरूप
मुख्यमंत्री के इस प्रवास को आगामी कार्यक्रमों और विकास की गति को तेज करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद से वाराणसी में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री लगातार यहां की व्यवस्थाओं की निगरानी खुद कर रहे हैं।
आज दोपहर बाद मुख्यमंत्री का लखनऊ वापसी का कार्यक्रम है, लेकिन उनके इस दौरे ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश सरकार विकास और विरासत, दोनों को साथ लेकर चलने के संकल्प पर अडिग है।
