Chamoli District Magistrate Review: विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता के निर्देश, स्वास्थ्य-बाल विकास की रैंकिंग पर जताई चिंता
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Chamoli District Magistrate Review: विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता के निर्देश, स्वास्थ्य-बाल विकास की रैंकिंग पर जताई चिंता
चमोली (उत्तराखंड) | 07 अप्रैल 2026
जनपद चमोली में विकास की गति को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव कुमार ने आज जिला मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण Review Meeting की अध्यक्षता की। इस बैठक में जनपद में संचालित 20 सूत्री और 25 सूत्री कार्यक्रमों के साथ-साथ जिला योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित की योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Health and Child Development: रैंकिंग सुधारने की सख्त हिदायत
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग की वर्तमान स्थिति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी विनय जोशी द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जनपद चमोली को 34 कार्यक्रमों में ‘A’ रैंकिंग प्राप्त हुई है, लेकिन स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ प्रमुख योजनाओं में स्थिति चिंताजनक है।
विशेष रूप से PM Matritva Vandana Yojana के आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रथम प्रसव के लाभार्थियों की संख्या के आधार पर जनपद ‘C’ श्रेणी में है, जबकि द्वितीय प्रसव के मामलों में यह गिरकर ‘D’ श्रेणी में पहुंच गया है। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे धरातल पर जागरूकता अभियान चलाएं और अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ें ताकि जनपद की रैंकिंग में सुधार हो सके।
Quality and Transparency: गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने District Planning (जिला योजना) की समीक्षा करते हुए कहा कि बजट का सदुपयोग और कार्यों की गुणवत्ता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड विजिट बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि निर्माण कार्यों की पारदर्शिता बनी रहे। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि:विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।ऐसे प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाए जो स्थानीय जनता को दीर्घकालिक लाभ पहुंचा सकें।बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि फिसड्डी विभागों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
CDO को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) डॉ. अभिषेक त्रिपाठी को निर्देश दिए कि वे 25 सूत्री कार्यक्रमों की निरंतर निगरानी करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य ‘अंतिम व्यक्ति तक लाभ’ पहुंचाना है, और इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय (Coordination) अनिवार्य है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, डीएफओ अभिमन्यु, डीएफओ सर्वेश दुबे, अपर मुख्य अधिकारी तेज सिंह सहित जिला प्रशासन के तमाम विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि आगामी तिमाही में जनपद की रैंकिंग को सुधारने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जाएगा।
साउथ एशिया 24×7 के लिए चमोली से सोहन सिंह की रिपोर्ट
