राष्ट्रीय लोक अदालत: आपसी समझौते से विवादों के निपटारे का सुनहरा अवसर
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राष्ट्रीय लोक अदालत: आपसी समझौते से विवादों के निपटारे का सुनहरा अवसर
सोहन सिंह चमोली, 09 अप्रैल 2026: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के क्रम में जनपद चमोली में न्याय को आमजन के द्वार तक पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। आगामी 09 मई, 2026 को जनपद के समस्त न्यायालयों में भव्य ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का आयोजन किया जाएगा।
1. आयोजन स्थल और विस्तार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सुनिश्चित किया गया है कि इस लोक अदालत का लाभ जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचे। इसके लिए निम्नलिखित स्थानों पर न्यायालय परिसर में लोक अदालतें आयोजित की जाएंगी:जिला न्यायालय परिसर, गोपेश्वरबाह्य न्यायालय, जोशीमठबाह्य न्यायालय, कर्णप्रयागबाह्य न्यायालय, थरालीबाह्य न्यायालय, पोखरीबाह्य न्यायालय, गैरसैंण
2. लोक अदालत के दायरे में आने वाले मामले
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पुनीत कुमार ने जानकारी दी कि इस लोक अदालत में लंबित और प्री-लिटिगेशन (मुकदमा शुरू होने से पहले के मामले) दोनों प्रकार के वादों का निस्तारण किया जाएगा। प्रमुख रूप से निम्नलिखित मामलों पर सुनवाई होगी:फौजदारी एवं आपराधिक मामले: शमनीय (Compoundable) आपराधिक मामले।पारिवारिक विवाद: वैवाहिक और कुटुम्ब न्यायालयों से संबंधित मामले।वित्तीय मामले: एन.आई. एक्ट (चेक बाउंस), बैंक रिकवरी, बिक्रीकर, आयकर और अप्रत्यक्ष कर।नागरिक सुविधाएं: विद्युत बिल, जलकर, और वेतन-भत्तों से संबंधित विवाद।भूमि एवं आपदा: भूमि अर्जन (Land Acquisition), वन विभाग के मामले और आपदा प्रतिकर।श्रम एवं रोजगार: श्रम विवाद और मनरेगा से संबंधित मामले।यातायात: मोटर दुर्घटना प्रतिकर (MACT) और वाहन चालान से संबंधित वादों का मौके पर निस्तारण।
3. लोक अदालत के लाभ: ‘न कोई जीता, न कोई हारा’
लोक अदालत के माध्यम से विवाद सुलझाने के कई दूरगामी लाभ हैं:त्वरित न्याय: वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा एक ही दिन में संभव हो जाता है।आर्थिक बचत: इसमें कोई अदालती शुल्क नहीं लगता और यदि मामला पहले से लंबित है, तो अदा की गई कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है।अंतिम निर्णय: लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है।आपसी सद्भाव: यहाँ निर्णय आपसी समझौते के आधार पर होते हैं, जिससे पक्षों के बीच कटुता समाप्त होती है।
4. अपील और समन्वय
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनपद के सभी पीठासीन अधिकारियों और अधिवक्ताओं से अनुरोध किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में चिह्नित वादों को लोक अदालत की सूची में शामिल करें। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे छोटे और मध्यम स्तर के विवादों को न्यायालयों में खींचने के बजाय लोक अदालत के माध्यम से गरिमापूर्ण तरीके से समाप्त करें।”लोक अदालत न्याय व्यवस्था का वह मानवीय चेहरा है जहाँ विवादों का अंत केवल कानूनी जीत से नहीं, बल्कि आपसी संतुष्टि से होता है। हम चाहते हैं कि चमोली का प्रत्येक नागरिक इस अवसर का लाभ उठाए।” – पुनीत कुमार, सचिव
5. आवेदन कैसे करें?
जो पक्षकार अपने मामले को 09 मई की लोक अदालत में लगवाना चाहते हैं, वे संबंधित न्यायालय में स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
