Uttarakhand STF Operation Prahar’: फर्जी आर्म्स लाइसेंस गिरोह का भंडाफोड़, एक Arrested
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Uttarakhand STF Operation Prahar’: फर्जी आर्म्स लाइसेंस गिरोह का भंडाफोड़, एक Arrested
देहरादून: उत्तराखंड को अपराध मुक्त बनाने के विजन और ‘Zero Tolerance’ नीति के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसटीएफ ने बाहरी राज्यों से फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस (Arms License) बनवाकर उन्हें उत्तराखंड में रजिस्टर कराने वाले एक शातिर गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से एक Fake License भी बरामद किया है।
STF की रडार पर ‘Silent’ अपराधी
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘Devbhoomi Crime Free’ मिशन के तहत पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री दीपम सेठ के निर्देशों पर राज्य में ‘Operation Prahar’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के क्रम में एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने सभी टीमों को संगठित गिरोहों और पेशेवर अपराधियों पर Incisive Action लेने के निर्देश दिए थे।
एसटीएफ को Secret Input मिला था कि कुछ लोग बाहरी राज्यों (जैसे पंजाब और उत्तर प्रदेश) से फर्जी तरीके से लाइसेंस बनवा रहे हैं और फिर फर्जी एनओसी (NOC) के आधार पर उन्हें उत्तराखंड के जिला कार्यालयों में असली के रूप में दर्ज करा रहे हैं।
ऐसे हुआ ‘High-Profile’ फर्जीवाड़े का खुलासा
एसटीएफ टीम ने थाना क्लेमेनटाउन, देहरादून में अभियोग पंजीकृत कर संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान अमित यादव नामक व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।Investigation Process: टीम ने जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून, मेरठ और पंजाब के संबंधित विभागों से Official Correspondence (पत्राचार) किया।The Loophole: जांच में सामने आया कि शस्त्र लाइसेंस संख्या LN34041A7A1AA7/1499 को साल 2017 में जिला अमृतसर (पंजाब) से ट्रांसफर दिखाकर देहरादून की शस्त्र पंजिका में दर्ज कराया गया था।Verification Failure: जब अमृतसर प्रशासन से इसकी पुष्टि की गई, तो पता चला कि ऐसा कोई लाइसेंस वहां से कभी Issue ही नहीं हुआ था। यानी पूरा दस्तावेज पूरी तरह Forged था।
अभियुक्त की गिरफ्तारी और बरामदगी
सटीक सूचना के आधार पर एसटीएफ ने शिमला बाईपास रोड स्थित हनुमंत रेजिडेंसी के फ्लैट नंबर 807 से अमित यादव पुत्र डालचंद यादव को धर दबोचा। अभियुक्त के पास से वह फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद कर लिया गया है जिसे वह असली बताकर इस्तेमाल कर रहा था।
बड़े ‘Nexus’ का अंदेशा: एसएसपी एसटीएफ
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। राज्य के विभिन्न जनपदों में बाहरी राज्यों से ट्रांसफर होकर आए कई अन्य लाइसेंस भी अब Scrutiny (जांच) के दायरे में हैं।”अपराधिक प्रवृत्ति के लोग अक्सर अवैध हथियारों को ‘Legal’ दिखाने के लिए इस तरह के फर्जीवाड़े का सहारा लेते हैं। ऐसे सभी लोग एसटीएफ की पैनी नजर पर हैं। इस गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी पंजिका दर्ज कराने वाले सफेदपोशों को भी जल्द Expose किया जाएगा।” – एसएसपी अजय सिंह
STF की बहादुर टीम
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित जांबाज शामिल रहे:निरीक्षक अबुल कलामउ.नि. विद्यादत्त जोशीहे.का. बिजेन्द्र चौहान, देवेन्द्र मंमगाई, संजयआरक्षी मोहन असवाल
Conclusion: एसटीएफ की इस कार्रवाई से अवैध हथियार रखने वाले और फर्जी दस्तावेजों के सहारे कानून को धोखा देने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब अभियुक्त के Criminal History और उसके संपर्कों की गहनता से जांच कर रही है ताकि इस Inter-State Gang की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
