Woman reservation bill : पीएम मोदी बोले नारी शक्ति को रोकने वालों को इतिहास माफ नहीं करेगा’, अखिलेश को बताया मित्र
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Woman reservation bill : पीएम मोदी बोले नारी शक्ति को रोकने वालों को इतिहास माफ नहीं करेगा’, अखिलेश को बताया मित्र
नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक (131वां संविधान संशोधन) पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बेहद प्रभावशाली और कड़ा संबोधन दिया। पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा कि यह बिल केवल ‘नंबर्स का खेल’ नहीं है, बल्कि देश की नारी शक्ति को उनका हक दिलाने का एक मिशन है। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो भी इस ऐतिहासिक कदम का विरोध करेगा, उसे देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी।
विरोध करने वालों को चुकानी होगी कीमत
प्रधानमंत्री ने सदन में कहा कि पिछले तीन दशकों से इस बिल को ‘टेक्निकल’ पेचों में फंसाकर रोका गया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कटाक्ष किया कि अब वह समय बीत चुका है जब सिर्फ घर के बारे में सोचा जाता था, अब देश के बारे में सोचने का वक्त है। अखिलेश यादव को अपना ‘मित्र’ बताते हुए पीएम ने अपील की कि इसे राजनीति के तराजू में न तोला जाए। उन्होंने दो टूक कहा, “जो आज इसका विरोध करेंगे, उन्हें इसकी भारी कीमत लंबे समय तक चुकानी पड़ेगी।”
पंचायत से संसद तक: महिलाओं की बढ़ती ‘Political Consciousness’
पीएम मोदी ने पंचायत स्तर पर महिलाओं को मिले आरक्षण का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां किसी को अपने पद खोने का डर (Fear) नहीं था, इसलिए वहां महिलाएं आज मजबूती से निर्णय ले रही हैं। उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े पेश करते हुए बताया:देश के 650 जिलों में से 2700 ब्लॉक्स में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।900 से अधिक नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और मेयर पदों पर महिलाएं काबिज हैं।
पीएम ने कहा कि आज की महिला सिर्फ घरेलू कामकाज तक सीमित नहीं है, उनमें जबरदस्त Political Consciousness (राजनीतिक चेतना) आ चुकी है और वे देश की प्रगति में फैसला लेने में पूरी तरह सक्षम हैं।
‘क्रेडिट चाहिए तो ब्लैंक चेक ले लो’
विपक्ष द्वारा श्रेय लेने की राजनीति पर पीएम ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर किसी दल को लगता है कि उसे इसका क्रेडिट मिलना चाहिए, तो वह उन्हें Blank Check देने को तैयार हैं। उन्होंने यहाँ तक कहा कि सरकार अपने खर्चे पर उस दल का Advertisement करा देगी, लेकिन राष्ट्रीय हित के इस मुद्दे पर सभी को सामूहिक निर्णय (Collective Decision) लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी ‘नियत’ में कोई खोट नहीं है और जो नियत पर शक करेंगे, उन्हें जनता सबक सिखाएगी।
एक ऐतिहासिक अवसर: कल शाम 4 बजे होगी वोटिंग
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 2023 में राज्यसभा से इसे पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और तब किसी ने विरोध नहीं किया था। अब लोकसभा में इसे पारित कर एक नया इतिहास रचने का समय है। यह 131वां संविधान संशोधन है, जिसका उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करना है।
पीएम मोदी का यह भाषण न केवल भावुक था बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद आक्रामक रहा। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है। अब सबकी नजरें कल शाम 4:00 बजे होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि कौन से दल ‘नारी शक्ति’ के साथ खड़े होते हैं और कौन इस ऐतिहासिक बदलाव के खिलाफ वोट करता है।
