पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’ का निधन
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पूर्व कैबिनेट मंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’ का निधन
प्रयागराज/जौनपुर:
उत्तर प्रदेश की राजनीति और कांग्रेस परिवार के लिए सोमवार की शाम एक अत्यंत दुखद खबर लेकर आई। प्रदेश के कद्दावर नेताओं में शुमार, पूर्व कैबिनेट मंत्री और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’ का सोमवार शाम करीब 5 बजे निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि उनके पैतृक निवास और छात्र राजनीति के केंद्र रहे प्रयागराज में भी शोक की लहर दौड़ गई।
छात्र राजनीति से सत्ता के शिखर तक का सफर
अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’ की पहचान एक प्रखर और जुझारू नेता के रूप में रही है। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत इलाहाबाद विश्वविद्यालय (AU) के छात्रसंघ से की थी। वह न केवल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे, बल्कि उन्होंने उस दौर की छात्र राजनीति को एक नई दिशा दी। उनकी नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम था कि वे बहुत कम समय में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की नजरों में आ गए।
कांग्रेस के संकटमोचक और कद्दावर स्तंभ
अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’ का कद कांग्रेस पार्टी में कितना बड़ा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे 1984 से 1989 के बीच उत्तर प्रदेश की कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) के अध्यक्ष के रूप में भी संगठन को मजबूती प्रदान की।
उनकी गिनती पार्टी के उन चंद नेताओं में होती थी जो जमीनी हकीकत की गहरी समझ रखते थे। 80 के दशक में जब उत्तर प्रदेश की राजनीति बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही थी, तब उन्होंने पार्टी के लिए एक संकटमोचक और कुशल रणनीतिकार की भूमिका निभाई।
अंतिम यात्रा और विदाई
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम को उनके निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।शव यात्रा: आज उनके पैतृक आवास मुंगरा बादशाहपुर (जौनपुर) से उनकी अंतिम शव यात्रा निकलेगी। इसमें भारी संख्या में स्थानीय निवासियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों के जुटने की संभावना है।अंतिम संस्कार: उनका अंतिम संस्कार प्रयागराज के रसूलाबाद श्मशान घाट पर किया जाएगा। संगम नगरी से उनका गहरा नाता रहा है, इसलिए उन्हें विदाई देने के लिए शहर के गणमान्य नागरिकों और पुराने साथियों का तांता लगा हुआ है।
कांग्रेस पार्टी ने जताया गहरा शोक
अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’ के निधन पर कांग्रेस पार्टी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पार्टी के स्थानीय और प्रदेश स्तरीय नेताओं ने कहा कि “मुन्ना जी” का जाना कांग्रेस के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वह सिद्धांतों की राजनीति करने वाले नेता थे, जिन्होंने हमेशा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। उनके निधन से उत्तर प्रदेश ने एक अनुभवी राजनेता और एक ओजस्वी वक्ता खो दिया है।
प्रयागराज और जौनपुर के राजनीतिक हलकों में लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में याद कर रहे हैं, जिन्होंने कभी भी अपने क्षेत्र के विकास और जनहित के मुद्दों से समझौता नहीं किया। उनके जाने से छात्र राजनीति के स्वर्ण युग का एक और अध्याय समाप्त हो गया है।”अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’ केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लेकर प्रदेश की कैबिनेट तक, उनका सफर हर युवा कार्यकर्ता के लिए प्रेरणादायक है।” — एक वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता
आज शाम रसूलाबाद घाट पर उन्हें राजकीय सम्मान और नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
