UP 57000 constable paasing out parade: 112 केंद्रों पर होगी पासिंग आउट परेड, 12 हजार महिला रिक्रूट्स रचेंगी इतिहास
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UP 57000 constable : 112 केंद्रों पर होगी पासिंग आउट परेड, 12 हजार महिला रिक्रूट्स रचेंगी इतिहास
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू की गई सिपाही नागरिक पुलिस के 60,244 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अब अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंच गई है। कठिन प्रशिक्षण और कड़े अनुशासन के दौर से गुजरने के बाद, लगभग 57 हजार अभ्यर्थी अब पूरी तरह तैयार हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित 112 प्रशिक्षण केंद्रों पर जल्द ही इनकी भव्य पासिंग आउट परेड (POP) आयोजित की जाएगी।
इस बैच की सबसे खास बात यह है कि इसमें 12 हजार से अधिक महिला अभ्यर्थी शामिल हैं, जो प्रदेश की ‘मिशन शक्ति’ और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर चरितार्थ करेंगी।
प्रशिक्षण का कठिन सफर हुआ पूरा
सिपाही नागरिक पुलिस के इन पदों के लिए हुई चयन प्रक्रिया के बाद, चयनित अभ्यर्थियों को प्रदेश के विभिन्न पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों (RTC) और पुलिस लाइनों में बुनियादी प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। प्रशिक्षण के दौरान इन रिक्रूटों को कानून की जानकारी, फील्ड क्राफ्ट, हथियारों को चलाने का कौशल, और भीड़ नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए हैं।
करीब 57 हजार अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक इस छह महीने के कठिन प्रशिक्षण को पूरा किया है। अब ये रिक्रूट सिपाही से पूर्ण पुलिसकर्मी बनने की दहलीज पर खड़े हैं। पासिंग आउट परेड में शपथ लेने के बाद, इन्हें प्रदेश के विभिन्न थानों और इकाइयों में तैनात किया जाएगा।
112 केंद्रों पर दिखेगी खाकी की धमक
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड और प्रशिक्षण निदेशालय ने इस विशाल आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के 112 प्रशिक्षण केंद्रों पर एक साथ होने वाली यह पासिंग आउट परेड अनुशासन और भव्यता का अनूठा उदाहरण होगी।तैयारियां: परेड ग्राउंड्स का सौंदर्यीकरण और रिहर्सल अंतिम चरण में है।निरीक्षण: वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग केंद्रों पर परेड की सलामी लेने और मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।सुरक्षा: इतने बड़े पैमाने पर दीक्षांत समारोह को देखते हुए संबंधित जिलों के कप्तानों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
आधी आबादी की पूरी भागीदारी: 12 हजार महिला सिपाही
इस बार की भर्ती और प्रशिक्षण में महिलाओं की भागीदारी ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। 12,000 से अधिक महिला सिपाहियों के बेड़े में शामिल होने से थानों पर महिला हेल्प डेस्क, पिंक बूथ और महिला बीट प्रणाली को काफी मजबूती मिलेगी। यह कदम न केवल महिला सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि पुलिस बल के लैंगिक संतुलन को भी बेहतर करेगा।
कानून व्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा
वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस बल पर काम का बोझ काफी अधिक है। 57 हजार नए सिपाहियों के फील्ड में उतरने से:गश्त और पेट्रोलिंग: सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी, जिससे अपराधों पर लगाम लगेगी।वीआईपी सुरक्षा और मेला ड्यूटी: बड़े आयोजनों के दौरान पुलिस बल की कमी नहीं खलेगी।जांच में तेजी: थानों पर पर्याप्त जनशक्ति होने से विवेचना और अन्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के बाद अब यह प्रशिक्षित फौज जनता की सेवा के लिए तैयार है। यह पासिंग आउट परेड न केवल इन युवाओं के सपनों की उड़ान है, बल्कि उत्तर प्रदेश की जनता के लिए एक सुरक्षित माहौल का भरोसा भी है। 112 केंद्रों पर होने वाली यह शपथ महज एक रस्म नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस के उस संकल्प को दोहराना है— “परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्” (सज्जनों की रक्षा और दुष्टों का विनाश)।जल्द ही प्रदेश की सड़कों पर ये नए सिपाही अपनी कर्तव्यपरायणता और निष्ठा का परिचय देते नजर आएंगे।
