Kedarnath yatra 2026: केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, भक्तों में केदारनाथ धाम के लिए बढ़ा सबसे अधिक क्रेज
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Kedarnath yatra 2026: केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही उमड़ा भक्तों का जनसैलाब, भक्तों में केदारनाथ धाम के लिए बढ़ा सबसे अधिक क्रेज
देहरादून | देवभूमि उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का शंखनाद हो चुका है। आस्था और विश्वास के इस महाकुंभ में भक्तों का उत्साह इस कदर है कि अब तक पंजीकरण का आंकड़ा 20 लाख 66 हजार को पार कर गया है। आज सुबह तड़के वैदिक मंत्रोच्चार और ‘बम-बम भोले’ के उद्घोष के साथ बाबा केदारनाथ के कपाट खोल दिए गए हैं। कपाट खुलते ही दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है।
केदारनाथ धाम के प्रति अटूट आस्था
इस वर्ष की यात्रा में बाबा केदार के प्रति भक्तों का विशेष आकर्षण देखा जा रहा है। कुल पंजीकरणों में अकेले केदारनाथ धाम के लिए 7 लाख 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। आज गौरीकुंड से लेकर लिंगचोली, हनुमान चट्टी और जानकी चट्टी तक भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। पिछले दो दिनों से धाम में डटे हजारों श्रद्धालु कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों का जोश देखते ही बन रहा है।
बदरीनाथ के कपाट कल खुलेंगे, यमुनोत्री-गंगोत्री में रौनक
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, भगवान बदरी विशाल के दर्शनों के लिए भी 6 लाख 9 हजार से ज्यादा श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट कल, 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। वहीं, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट पहले ही खुल चुके हैं, जहाँ क्रमशः 3.61 लाख और 3.50 लाख भक्त पंजीकरण करा चुके हैं। सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुण्ड साहिब के लिए भी अब तक 21 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज किए जा चुके हैं।
ऑफलाइन पंजीकरण और हेल्पलाइन की सुविधा
ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन पंजीकरण केंद्रों पर भी भारी भीड़ उमड़ रही है। हरिद्वार और ऋषिकेश स्थित फिजिकल सेंटर्स पर आज भी 5,243 तीर्थयात्रियों ने ऑफलाइन टोकन प्राप्त किए। पर्यटन विभाग ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर 1364 जारी किया है, जिसके माध्यम से यात्री किसी भी समय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। अनुमान है कि अगले 48 घंटों में 83 हजार से अधिक नए श्रद्धालु उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए हैं। पैदल मार्गों से लेकर धामों तक चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं। स्वास्थ्य शिविरों और रहने-खाने की व्यवस्थाओं का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है ताकि दुर्गम रास्तों पर यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
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