आज यूपी कैबिनेट: सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग आज तबादला नीति और 2% डीए पर लग सकती है मुहर
1 min read


आज यूपी कैबिनेट: सीएम योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट मीटिंग आज तबादला नीति और 2% डीए पर लग सकती है मुहर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारे के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार दोपहर 3 बजे उनके सरकारी आवास पर कैबिनेट की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में राज्य के विकास, कर्मचारियों के कल्याण और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है।
नई तबादला नीति 2024-25 पर सबकी नजरें
इस बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा वर्ष 2024-25 की वार्षिक तबादला नीति है। माना जा रहा है कि कैबिनेट इस नीति पर अंतिम मुहर लगा देगी। प्रस्तावित नीति के अनुसार:समय सीमा: राज्य कर्मचारियों के तबादले की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।कार्यकाल की शर्त: जिले में 3 वर्ष और मंडल में 7 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अधिकारियों व कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से तबादले की जद में लाया जाएगा।मानवीय दृष्टिकोण: सरकार इस बार तबादलों में मानवीय पहलुओं का विशेष ध्यान रख रही है। इसके तहत पति-पत्नी को एक ही जिले/स्थान पर तैनात करने का प्रावधान है। साथ ही, दिव्यांग और गंभीर बीमारियों से ग्रसित कर्मचारियों को तबादले की प्रक्रिया में बड़ी राहत दी जा सकती है।आकांक्षी जनपद: विकास की दौड़ में पिछड़े ‘आकांक्षी जिलों’ में मानव संसाधन की कमी न हो, इसके लिए वहां कोई भी पद खाली न रखने की पुरानी व्यवस्था जारी रहने के संकेत हैं।
राज्य कर्मचारियों को डीए का तोहफा
उत्तर प्रदेश के लाखों राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी यह बैठक खुशखबरी ला सकती है। कैबिनेट में 2% अतिरिक्त महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी का प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। यदि इस पर मुहर लगती है, तो यह बढ़ी हुई दरें जनवरी 2024 से प्रभावी मानी जाएंगी, जिससे कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिलेगा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और सड़क निर्माण पर बड़ा फैसला
राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए कैबिनेट तारकोल (Bitumen) की बढ़ती कीमतों से उत्पन्न चुनौतियों पर विचार करेगी।रेटों की भरपाई: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तारकोल की कीमतें बढ़ने के कारण सड़क निर्माण के पुराने टेंडरों को पूरा करने में ठेकेदारों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कैबिनेट पुराने टेंडरों में बढ़े हुए रेट की भरपाई के लिए विशेष प्रावधान ला सकती है।निर्माण को गति: सड़क निर्माण की रफ्तार प्रभावित न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री कुछ अहम वित्तीय प्रस्तावों को हरी झंडी दे सकते हैं।
लोकसभा चुनाव के बाद यह कैबिनेट बैठक प्रशासनिक सर्जरी और विकास कार्यों को पटरी पर लाने के लिहाज से मील का पत्थर मानी जा रही है। बैठक के बाद संबंधित मंत्रियों या मुख्य सचिव द्वारा निर्णयों की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
