चमोली: जिलाधिकारी ने की PMGSY कार्यों की समीक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया विशेष जोर
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चमोली: जिलाधिकारी ने की PMGSY कार्यों की समीक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया विशेष जोर
चमोली, 04 मई 2026: जनपद चमोली में विकास कार्यों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर प्रशासन बेहद गंभीर नजर आ रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत पोखरी डिवीजन के कार्यों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त हुए मोटर मार्गों और सेतुओं का पुनर्स्थापन रहा।
समयबद्धता और जवाबदेही पर निर्देश
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बैठक के दौरान विभिन्न सड़कों की वर्तमान प्रगति और लंबित कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने दो-टूक शब्दों में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत और अनुमोदित मार्गों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि सड़कों के निर्माण में होने वाली देरी न केवल विकास की गति को रोकती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली आबादी की कठिनाइयों को भी बढ़ाती है।
विशेष रूप से, जिलाधिकारी ने डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (DLP) के अंतर्गत आने वाली सड़कों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदारों की है, उनसे तत्काल कार्य कराया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महत्वपूर्ण मार्गों का सुधारीकरण प्राथमिकता पर
बैठक में जनपद के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों को जोड़ने वाले मार्गों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निम्नलिखित मुख्य मार्गों के सुधारीकरण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए:निजमुल्ला–गौणा–पाणा–ईराणी मोटर मार्गटंगड़ी तल्ली से टंगड़ी मल्ली मार्गहेलंग–उर्गम मार्गहेलंग–डुमक मार्गसलूड–डूंगरा मोटर मार्ग
डीएम ने कहा कि इन मार्गों का सुचारू होना सीमांत गांवों के निवासियों के लिए जीवनरेखा के समान है।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
जिलाधिकारी ने कार्य की गुणवत्ता पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी कतई स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि सड़कों के निर्माण और आपदा से क्षतिग्रस्त मार्गों के पुनर्स्थापन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। निर्माण स्थल का समय-समय पर निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।
विभागीय समन्वय और बाधाओं का निवारण
पहाड़ी क्षेत्रों में अक्सर सड़क निर्माण के दौरान वन विभाग से संबंधित अड़चनें सामने आती हैं। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने वन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाए ताकि निर्माण कार्यों की गति बाधित न हो। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं सक्रिय होकर इन बाधाओं को दूर करें।
विकास और आपदा प्रबंधन में सड़कों की भूमिका
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सड़क संपर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि बेहतर सड़कें केवल आवाजाही का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन और दैनिक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने पीएमजीएसवाई की टीम को जनहित को सर्वोपरि रखने और समन्वित प्रयासों से लंबित परियोजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने की बात कही।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
समीक्षा बैठक में प्रशासन और तकनीकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें उपजिलाधिकारी (SDM) आरके पाण्डेय, पीएमजीएसवाई के अधीक्षण अभियंता (SE) प्रमोद गंगाड़ी, अधिशासी अभियंता (EE) मनमोहन बिजलवाण और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी प्रमुख थे।
इस बैठक के बाद यह स्पष्ट है कि प्रशासन आगामी मानसून और आपदा की चुनौतियों को देखते हुए सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रहा है।
रिपोर्ट: सोहन सिंह, चमोली।
