मानवता को जीवित रखना हमारा परम दायित्व’: राजकीय विद्यालय रूपऊ में अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस का आयोजन
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मानवता को जीवित रखना हमारा परम दायित्व’: राजकीय विद्यालय रूपऊ में अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस का आयोजन
कालसी (देहरादून)। अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रूपऊ, कालसी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को मानवता की निस्वार्थ सेवा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, विद्यालय के शिक्षक, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के पूर्व सदस्य एवं रेडक्रॉस के सक्रिय सदस्य डॉ. जितेंद्र सिंह बुटोइया ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में मानवता को जीवित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
इस वर्ष की थीम: “मानवता को जीवित रखना”
डॉ. बुटोइया ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस वर्ष रेडक्रॉस दिवस की थीम “मानवता को जीवित रखना” निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि आज पूरे विश्व में इस विषय पर विचार गोष्ठियाँ और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि समाज में करुणा और सेवा की भावना को फिर से जागृत किया जा सके।
रेडक्रॉस के सात स्तंभ और वैश्विक प्रभाव
संबोधन के दौरान डॉ. बुटोइया ने रेडक्रॉस के सात आधारभूत सिद्धांतों पर प्रकाश डाला, जो निम्नलिखित हैं:
- मानवता
- निष्पक्षता
- तटस्थता
- स्वतंत्रता
- स्वैच्छिक सेवा
- एकता
- सार्वभौमिकता
उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सात सिद्धांतों का पालन करके ही हम एक सभ्य समाज का निर्माण कर सकते हैं और मानवता की रक्षा कर सकते हैं। डॉ. बुटोइया ने गर्व के साथ उल्लेख किया कि विश्व स्तर पर शांति का संदेश देने वाली इस महान संस्था को अब तक चार बार नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
संस्थापक हेनरी डयूनेंट को दी गई श्रद्धांजलि
इस अवसर पर रेडक्रॉस के संस्थापक सर जीन हेनरी डयूनेंट के योगदान को याद किया गया। शिक्षकों और छात्रों ने उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। डॉ. बुटोइया ने बताया कि भारत में रेडक्रॉस की स्थापना वर्ष 1920 में हुई थी। तब से लेकर आज तक रेडक्रॉस, यूथ रेडक्रॉस और जूनियर रेडक्रॉस के माध्यम से देश में आपदा राहत, रक्तदान शिविर, महामारी नियंत्रण और आकस्मिक दुर्घटनाओं के समय निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं दे रहा है।
छात्रों की रचनात्मक भागीदारी
जागरूकता अभियान के तहत विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों द्वारा मानवता और सेवा भाव को दर्शाते हुए आकर्षक चार्ट और पोस्टर बनाए गए। कई छात्रों ने संस्थापक हेनरी डयूनेंट का जीवंत चित्र बनाकर अपनी कला के माध्यम से उनके प्रति सम्मान प्रकट किया।
प्राणी जगत के कल्याण की अपील
विद्यालय के प्रधानाचार्य नंदकिशोर यादव ने अपने संबोधन में रेडक्रॉस के संस्थापक के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र को दोहराते हुए कहा:”सभी का मंगल हो, सभी का कल्याण हो। हमें इसी उद्देश्य के साथ अपने जीवन का हर दिन व्यतीत करना चाहिए। प्राणी मात्र की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।”
उपस्थिति
इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक खुशीराम डोबरियाल, विजय सिंह गुसाईं, मीनाक्षी तिवारी सहित विद्यालय के सभी कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में रेडक्रॉस के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारेंगे और समाज सेवा में अपना योगदान देंगे।
