सचिव दीपक कुमार ने विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा कर तय की प्राथमिकताएं; एकीकृत कृषि मॉडल, मुख्यमंत्री घोषणाओं, पर्यटन, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा पर दिए कड़े निर्देश
1 min read



सचिव दीपक कुमार ने विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा कर तय की प्राथमिकताएं; एकीकृत कृषि मॉडल, मुख्यमंत्री घोषणाओं, पर्यटन, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा पर दिए कड़े निर्देश
सूचना/पौड़ी, 26 जून 2026:
संस्कृत शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के सचिव दीपक कुमार ने विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक लेकर शासन की प्राथमिकताओं और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत एवं बिंदुवार समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने योजनाओं के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामपरक क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। सचिव ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आधुनिक एवं नवाचारी माध्यमों द्वारा समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने सभी अधिकारियों को एक समन्वित, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक सुधार और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सचिव दीपक कुमार ने अधिकारियों को जनता दरबार और चौपाल कार्यक्रमों के दौरान संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में ही रात्रि विश्राम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि धरातल पर जाकर रात्रि विश्राम करने से अधिकारियों को क्षेत्र की वास्तविक भौगोलिक परिस्थितियों, बुनियादी समस्याओं और जनभावनाओं को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका प्रभावी और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ कार्यालयों का नियमित और औचक निरीक्षण करने पर विशेष जोर दिया। शासन के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए उन्होंने जिले के सभी सरकारी विभागों को अपने कार्यालयों के नामपट्ट अनिवार्य रूप से संस्कृत भाषा में भी अंकित कराने के निर्देश दिए।
एकीकृत कृषि मॉडल और ग्रामीण आजीविका पर जोर
कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए सचिव ने जनपद में कृषि यंत्रों की उपलब्धता, उन्नत बीजों के वितरण तथा किसानों को दिए जा रहे तकनीकी प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि, उद्यान, डेयरी, जलागम और मत्स्य पालन विभागों को आपस में समन्वय स्थापित कर एक ‘एकीकृत कृषि मॉडल’ (इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल) विकसित करने के कड़े निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने समय-सीमा निर्धारित करते हुए कहा कि आगामी जुलाई माह तक जिले के तीन विकासखंडों में इसका पायलट मॉडल तैयार कर लिया जाए तथा सितंबर 2026 तक सभी विकासखंडों में इसे पूरी तरह लागू करने की ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। उन्होंने वन पंचायतों को भी इस मॉडल से जोड़ने और घेरबाड़ जैसे सुरक्षात्मक कार्यों में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की प्रगति की समीक्षा के दौरान सचिव ने महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के शीर्ष-10 स्वयं सहायता समूहों की पहचान की जाए और उत्कृष्ट कार्य कर आत्मनिर्भर बनी ‘लखपति दीदी’ समूहों को चिन्हित कर उन्हें जिला स्तर पर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य महिलाएं भी इससे प्रेरित हो सकें।
पर्यटन विकास, स्वास्थ्य सेवाएं और मुख्यमंत्री घोषणाएं
पर्यटन को जनपद की आर्थिकी का मुख्य आधार बताते हुए सचिव दीपक कुमार ने सतपुली झील परियोजना के निर्माण कार्यों की समीक्षा की और इसे शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सतपुली झील की तर्ज पर ही स्यूंसी झील को भी पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पर्यटन, होमस्टे और होटल व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों के लंबित सब्सिडी प्रकरणों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अग्रणी बैंकों से समन्वय स्थापित कर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की समीक्षा के दौरान सचिव ने शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद को टीबी मुक्त बनाने के अभियान की प्रगति की जांच की और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने लैंड होल्डिंग के सरलीकरण, कीवी, सेब व ड्रैगन फ्रूट मिशन, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, शिक्षा और युवा कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल और नवाचारी माध्यमों का उपयोग करने को कहा। मुख्यमंत्री घोषणाओं एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (1905) के लंबित मामलों का नियमित अनुश्रवण करने तथा अधिक शिकायत वाले विभागों को प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
साइबर सुरक्षा और मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त अभियान
वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों को रोकने के लिए सचिव ने इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया। उन्होंने जिले में साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए व्यापक जनजागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारियों को साइबर सुरक्षा का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाए तथा स्कूल-कॉलेजों में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने के लिए सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए नशीली दवाओं की अवैध बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोरों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि बाहरी राज्यों से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए जिले के सभी प्रमुख बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर नियमित निगरानी रखी जाए और सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए।
बैठक में उपस्थिति:
इस महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अशोक जोशी, अपर जिला अधिकारी (ADM F&R) एफ.आर. चौहान, परियोजना निदेशक (PD DRDA) विवेक कुमार उपाध्याय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. शिवमोहन शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक (CO) तपेश कुमार चंद, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी (DSTO) राम सलोने, सहायक निदेशक (संस्कृत) मनोज कुमार सिमल्टी, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, अधिशासी अभियंता (जल संस्थान) टी.एस. रावत, जल निगम से नवनीत कटारिया, विद्युत विभाग से अभिनव रावत, पीएमजीएसवाई से परशुराम चमोली, सिंचाई विभाग से सचिन शर्मा, प्रभारी मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा सहित सभी रेखीय विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
