देहरादून में सजेगी उत्तराखंडी संस्कृति की चौपाल: 5 फरवरी से ‘उत्तरायणी कौथिक महोत्सव-2026’ का आगाज
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देहरादून में सजेगी उत्तराखंडी संस्कृति की चौपाल: 5 फरवरी से ‘उत्तरायणी कौथिक महोत्सव-2026’ का आगाज
ब्यूरो रिपोर्ट
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और बेमिसाल खान-पान के रंगों से राजधानी देहरादून सराबोर होने वाली है। सेवा संकल्प फाउंडेशन की ओर से परेड ग्राउंड में आगामी 5 से 8 फरवरी 2026 तक भव्य ‘उत्तरायणी कौथिक महोत्सव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। चार दिनों तक चलने वाला यह उत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना और लोक परंपराओं का एक अनूठा संगम होगा।
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण है मुख्य ध्येय
महोत्सव के आयोजकों का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की लुप्त होती सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक इसे सशक्त रूप में पहुँचाना है। सेवा संकल्प फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के अनुसार, यह कौथिक केवल एक मेला नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को जीवंत रखने का एक मंच है। इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों की कला, शिल्प और लोक विधाओं को एक व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
महोत्सव के मुख्य आकर्षण
परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय महाकुंभ में आगंतुकों को कई खास अनुभव देखने को मिलेंगे:
- लोक संगीत एवं नृत्य: पहाड़ के आंगन से निकले लोकगीत, संगीत और पारंपरिक नृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियां मुख्य मंच की रौनक बढ़ाएंगी।
- परंपरागत खान-पान: उत्तराखंड के पहाड़ी व्यंजनों (जैसे चैंसु, फाणु, कोदे की रोटी आदि) का स्वाद चखने के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।
- हस्तशिल्प और कला: स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों और पारंपरिक कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
मीडिया से सहयोग की अपील
आयोजन समिति ने मीडिया बिरादरी से इस उत्सव को जन-जन तक पहुँचाने की विनम्र अपील की है। सेवा संकल्प फाउंडेशन ने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया की सक्रिय भागीदारी से ही उत्तराखंड की लोक परंपराओं को एक सशक्त मंच मिल सकता है। उनकी सहभागिता इस आयोजन को अधिक प्रभावशाली और जनसरोकारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
संस्था ने समस्त मीडिया प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों को सादर आमंत्रित करते हुए कहा है कि इस भव्य उत्सव का हिस्सा बनकर उत्तराखंड की सांस्कृतिक सुगंध को फैलाने में अपना योगदान दें।
