केंद्रीय बजट 2026: आयुष क्षेत्र के लिए ‘ऐतिहासिक’ कदम, डॉ. जे.एन. नौटियाल ने केंद्र सरकार का जताया आभार
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केंद्रीय बजट 2026: आयुष क्षेत्र के लिए ‘ऐतिहासिक’ कदम, डॉ. जे.एन. नौटियाल ने केंद्र सरकार का जताया आभार
ब्यूरो रिपोर्ट
देहरादून, 1 फरवरी 2026। भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. जे.एन. नौटियाल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को आयुष क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी बताया है। बजट घोषणाओं का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय के आवंटन में की गई वृद्धि न केवल भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक पहचान दिलाएगी, बल्कि यह रोजगार सृजन की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।
वैश्विक पटल पर चमकेगा आयुर्वेद
डॉ. नौटियाल ने कहा कि वर्तमान सरकार का जोर साक्ष्य-आधारित चिकित्सा (Evidence-based medicine) पर है। बजट में किए गए प्रावधानों से आयुर्वेद, योग और यूनानी पद्धतियों की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता बढ़ेगी, जिससे भारत पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व गुरु बनकर उभरेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
डॉ. नौटियाल के अनुसार, राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के बजट में भारी बढ़ोतरी से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा। उन्होंने कहा:
”बजट में आयुष औषधालयों और प्रयोगशालाओं के अपग्रेडेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप दवाओं का निर्माण सुनिश्चित होगा और क्लिनिकल प्रैक्टिस की गुणवत्ता में सुधार आएगा।”
उत्तराखंड के युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
विशेष रूप से उत्तराखंड के संदर्भ में चर्चा करते हुए डॉ. नौटियाल ने कहा कि वेलनेस केंद्रों के विस्तार और नए संस्थानों की स्थापना से राज्य के युवाओं को विनिर्माण (Manufacturing) और क्लिनिकल सेवाओं में करियर के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जन-जन तक पहुँचेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
डॉ. जे.एन. नौटियाल ने इस दूरदर्शी बजट के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हुए विश्वास जताया कि यह ‘स्वस्थ भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक बड़ा निवेश है।
मीडिया संपर्क:
भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखंड
अध्यक्ष: डॉ. जे.एन. नौटियाल
